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लॉकडाउन इमोशनल, फिजिकल हेल्थ और सामाजिक दायरा बढ़ाने का अवसर

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Fri, 03 Apr 2020 05:19 PM IST
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लॉकडाउन इमोशनल, फिजिकल हेल्थ और सामाजिक दायरा बढ़ाने का अवसर
लॉकडाउन इमोशनल, फिजिकल हेल्थ और सामाजिक दायरा बढ़ाने का अवसर - वरिष्ठ मनोचिकित्सक ने चिड़चिड़ेपन और गुस्से को कम करने को बताएं तरीके - लॉकडाउन बढ़ने की आशंका में पढ़ाई का रूटीन ना छोड़ें छात्र-छात्राएं - परिवार के साथ सोशल डिस्टेंसिंग में बैठना व अन्य परम्पराओं के बारे में चर्चा  
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साहिबाबाद। तीन हफ्ते वाले लॉकडाउन में घर से बाहर न निकलने और रोजमर्रा के काम न होने से परेशान लोगों में अब चिड़चिड़ापन व गुस्सा बढ़ने की बात सामने आ रही है। इसमें लोगों का अपने मानसिक संतुलन पर काबू भी कम होने लगा है। जिससे आपसी झगड़े और कहासुनी की घटनाएं होने लगी हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉक्टर विपुल त्यागी ने लॉकडाउन को इमोशनली, फिजिकल और सामाजिक दायरा बढ़ाने का अवसर बताया है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को भी पढ़ाई का रूटीन न छोड़ने की भी सलाह दी है।  डॉक्टर विपुल त्यागी का कहना है कि लॉकडाउन में अब लोगों में चिड़चिड़ेपन और गुस्सा आने के मामले देखे जा रहे हैं। बहरहाल  हम अपनी और दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए घर के फाइल वर्क पूरे कर सकते हैं। जो महत्वपूर्ण कागजात हैं उन्हें एक फाइल बनाकर रख सकते हैं जिससे भविष्य में किसी कागजात की जरूरत हो तो वह बिना समय गंवाए तुरंत मिल जाए। दूसरा मेट्रो सिटी में रहने के दौरान अधिकांश लोग अपने परिवार को समय नहीं दे पाते जिससे उन्हें घर-परिवार की संस्कृति और परम्पराओं की पता नहीं चलता। इसके साथ ही बच्चों को गाइड करने का समय भी नहीं दे पाते हैं। लॉकडाउन में हमें यह भी देखना है कि लोग जिंदगी की किन महत्वपूर्ण बातों को भूल रहे हैं। जिन्हें अपने बच्चों को बताना काफी आवश्यक है। घर में सोशल डिस्टेंसिंग अपनाते हुए उन बातों को बताएं, घर में अन्य प्रकार की  अव्यवस्था को व्यवस्थित कर सकते हैं। 
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इसके अलावा हम देखते हैं अति व्यवस्तता के चलते हमारा सामाजिक दायरा भी कम हो गया है। उसे अब टेलिफोनिक्ली या विडियों ऑनलाइन प्रक्रिया से उसे दूर सकते हैं। क्यूंकि लॉकडाउन खुलने के बाद फिर से सभी लोग उस ढांचे में ढल जाएंगे। लिहाजा इन तीन हफ्तों में एक्साइज और योग कर फिजिकल हेल्थ, सामाजिकता व इमोशनली लोगों से जुड़ सकते हैं। 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन बढ़ने की आशंका में छात्र-छात्राएं रूटीन पढ़ाई करना बिल्कुल भी ना छोड़े। क्यूंकि पढ़ाई छोड़ने के बाद दोबारा से उस पर एकाग्र करना मुश्किल होता है। सीबीएसई बोर्ड के दसवी व बारहवी कक्षा के एग्जाम अभी होने बाकी हैं। इसमें छात्र-छात्राएं ऑनलाइन क्लास के जरिए अपने टीचर से जुड़ सकते हैं। इसके साथ ही पढ़ाई के टाइम टेबल को बिल्कुल भी देरी से लागू न करें। ----------------------
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