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सभी बोर्ड की 12वीं की परीक्षा रद्द करने की मांग
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सभी बोर्ड की 12वीं की परीक्षा रद्द करने की मांग
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- गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से ट्विटर के माध्यम से की मांग
- कहा अन्य कक्षाओं की तरह कक्षा 12 के छात्रों को भी किया जाए पास
- कोरोना के हालातों को देखते हुए कुछ महीने परीक्षा कराना ठीक नहीं
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। गाजियाबाद पैरेंट्स एसोसिएशन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से बारहवीं के सभी
बोर्ड की परीक्षा रद्द करने की मांग की है। उन्होंने ट्विटर के माध्यम से अभियान चलाकर
सरकार को संदेश दिया है कि बोर्ड परीक्षा होने से छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य पर प्रभाव
पड़ेगा।
मंगलवार को गाजियाबाद पैरेंट्स एसोसिएशन ने 12वीं के सभी बोर्ड की परीक्षा रद्द करने के
लिए ट्विटर अभियान चलाया। बताया कि इस अभियान में देश के विद्यार्थियों और अभिभावकों
का भरपूर समर्थन मिला। ट्विटर अभियान के माध्यम से बारहवीं में पड़ने वाले छात्र -छत्राओं
और अभिभावकों ने वीडियो के माध्य्म से देश के प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश
पोखरियाल निशंक से बारहवीं की बोर्ड परीक्षा को रद्द करने का अतिशीघ्र निर्णय लेने का
अनुरोध किया। ट्विटर अभियान में अनेक राज्यों के विद्यार्थियों और अभिभावकों ने हिस्सा
लिया ट्वीट और रिट्वीट किया। उन्होंने कहा कि कोरोना वैश्विक महामारी की पहली और
दूसरी लहर के कारण काफी संख्या में आकस्मिक मौत हुई हैं। अनेकों परिजनों और छात्र-छत्राओं ने
अपने प्रियजनों को खोया है जिसको लेकर पिछले लंबे समय से 12वीं के विद्यार्थी बोर्ड की
परीक्षा को लेकर मानसिक तनाव में है । परीक्षा सत्र में अत्यधिक विलंब पहले ही हो चुका
है। स्कूलों में परीक्षा होने पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो पाना संभव नहीं है।
छात्र-छात्राओं एवं टीचर्स-स्टाफ को वैक्सीन न लगना ,परिजनों का अपने ग्रह जनपद कूच कर
जाना, कोरोना के अभी भी लाखों में केस आना, ब्लैक, व्हाइट येलो फंगस के बढ़ते प्रभाव को
देखते परीक्षा रद्द की जानी चाहिए। अध्य्क्ष सीमा त्यागी ने कहा कि छात्र-छात्राओं और
अभिभावकों की मनोदशा और परीक्षा का यह उपयुक्त समय न होने के कारण सरकार को देश के
सभी बोर्ड की बारहवीं की परीक्षा रद्द कर देना चाहिए। साथ ही इंटरनल असेसमेंट के आधार
पर विद्यार्थियों को अंक देने का आदेश जारी कर यूनिवर्सिटीज में छात्र-छात्राओं का प्रवेश
सुनिश्चित कराया जाए।