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स्वनिधि योजना : लापरवाही पर बैंकर्स के खिलाफ होगी कार्रवाई
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बुलंदशहर। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना के तहत शहरी पथ विक्रेताओं को एक लाख रुपये तक दिया जाना है। बैंकों द्वारा दिए गए ऋण की समीक्षा में बैंकों की लापरवाही सामने आई है। डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए बैंकों के खिलाफ उच्चाधिकारियों को पत्र लिखने के निर्देश दिए हैं।
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भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा सर्वोच्च प्राथमिकता पर प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेण्डर आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना के तहत ऋण दिए जाने की सुविधा है। कोविड-19 महामारी के चलते लॉकडाउन से शहरी पथ विक्रेताओं के व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। पीएम स्वनिधि योजना में शहरी पथ विक्रेताओं को एक लाख की धनराशि ऋण सब्सिडी के आधार पर बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। जनपद में विभिन्न बैंकर्स द्वारा मात्र 6565 लाभार्थियों को ही ऋण वितरण किया गया है। प्रगति में सुधार लाने के लिए बार-बार कहने के बाद भी इंडियन बैंक के स्तर पर 713 ऋण आवेदन, कैनरा बैंक के स्तर पर 645 ऋण आवेदन और पंजाब नेशनल बैंक के स्तर पर 1608 ऋण आवेदन अभी भी लंबित है। इन बैंकों की प्रगति निम्न श्रेणी की रही है। डीएम ने इन बैकों के उच्चाधिकारियों को प्रगति में सुधार लाये जाने के लिए कहा है। ऐसा न होने पर जिला प्रशासन द्वारा इन बैंकों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी है।
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