फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   हिंदी, हिंदू, हिंदुस्तान की अवधारणा को जन्म देने वाले हैं वीर सावरकर

हिंदी, हिंदू, हिंदुस्तान की अवधारणा को जन्म देने वाले हैं वीर सावरकर

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Fri, 26 Feb 2021 04:55 PM IST
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन
गाजियाबाद। केंद्रीय आर्य युवक परिषद ने शुक्रवार को स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की 55 वीं पुण्यतिथि पर आनलाइन गोष्ठी का का आयोजन किया। इस दौरान वीर सावरकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि वीर सावरकर ने हिन्दी, हिन्दू, हिंदुस्तान का उदघोष किया था। विश्व के इतिहास में वह पहले व्यक्ति थे जिन्हें 24 फरवरी 1910 व 31 जनवरी 1911 को दो बार आजीवन कारावास की सजा दी गई। प्रांतीय महामंत्री प्रवीण आर्य ने कहा कि सावरकर ने "मित्र मेलों" के नाम से युवाओं को संगठित किया था। वह एक वकील,कवि लेखक, राजनीतिज्ञ,नाटककार भी थे उन्होंने तत्कालीन कुरूतियों पर भी प्रहार किया।उनकी मृत्यु 26 फरवरी 1966 को मुंबई में हुई थी। इस दौरान प्रमुख रूप से आचार्य महेंद्र भाई, डॉ आर के आर्य,आंनद प्रकाश आर्य,सौरभ गुप्ता,वेदप्रकाश आर्य,प्रतिभा कटारिया,नीलम आर्या,के के यादव,प्रवीना ठक्कर आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed