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पटाखों की जगह खुशियों के दीप जलाने का लिया संकल्प

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Fri, 13 Nov 2020 06:41 PM IST
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माई सिटी रिपोर्टर
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गाजियाबाद। प्रदूषण में गाजियाबाद देश में नए रिकॉर्ड बना रहा है। प्रदूषण के खतरनाक स्तर और लोगों के स्वास्थ्य पर पढ़ते असर को देखते हुए शासन ने गाजियाबाद सहित 13 शहरों में पटाखों के जलाने और बिक्री पर रोक लगा दी गई। पर्यावरण की रक्षा और पटाखों के खिलाफ शासन-प्रशासन की इस मुहिम को महानगर की विभिन्न सोसायटी के अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन और आरडब्ल्यूए का समर्थन मिल रहा है। प्रदूषण पर प्रहार के लिए रेजिडेंट्स ने पटाखा रहित सुरक्षित दिवाली मनाने का निर्णय लिया है। सोसायटिओं में इस बार आतिशबाजी की जगह खुशियों के दीप जलाए जाएंगे। पटाखों के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन लोगों को व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए जागरूक कर रही हैं। रेजिडेंट्स को पटाखों से पर्यावरण को होने वाले नुकसान और पटाखे जलाने पर विधिक कार्रवाई की जानकारी दी जा रही है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए लोगों ने भी रोशनी के पर्व दिवाली पर घर को दीयों से जगमग करने का संकल्प लिया है। ----------- 1. राजनगर एक्सटेंशन की सभी सोसायटिओं की एओए को पटाखा रहित दिवाली बनाने का संदेश दिया गया। सभी एओए ने पटाखे से नुकसान और कानूनी कार्रवाई की जानकारी अपने-अपने व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से रेजिडेंट को दी है। प्रदूषण के बढ़ते स्तर और पर्यावरण को होते नुकसान को देखते हुए हर सोसाइटी में बड़े पैमाने पर दीए जलाए जाएंगे। प्रदूषण के सेहत पर पड़ने वाले असर को देखते हुए पहले से ही लोग जागरूक हैं। -- राजकुमार त्यागी, अध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ राजनगर एक्सटेंशन एओए ---- 2. प्रदूषण की खतरनाक स्थिति को लेकर पहले से ही लोग जागरूक हैं। लोगों ने पहले से ही पटाखे नहीं जलाने का संकल्प लिया है। सोसायटी में बड़े पैमाने पर दिए जलाने के साथ एक दूसरे को मिठाई खिलाकर दिवाली मनाई जाती है। सोसायटी के आंतरिक व्हाट्सएप ग्रुप में पटाखों का इस्तेमाल न करने की सलाह दी गई है। लोगों से अपील भी की गई है कि वह पटाखे जलाने की जगह दीए जलाकर दिवाली मनाए। डॉ. राजीव पांडेय, निवासी, वेब सिटी -------- 3. पटाखों को लेकर शासन की गाइड लाइन का पालन किया जाएगा। पटाखों से होने वाले नुकसान के प्रति लोग पहले से ही जागरूक हैं। सोसाइटी के विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से भी पटाखे ना जलाने का संदेश दिया जा रहा है। लोग अपने घरों को दिए से रोशन करने के साथ सामूहिक दिए जलाएंगे। हर साल दिवाली के बाद पटाखों के कारण होती खतरनाक स्थिति से इस बार बचा जा सकेगा। -- आशीष सिरोही, निवासी, लग्जीरिया एस्टेट आदित्य वर्ल्ड सिटी ---- 4. पटाखों को लेकर प्रदेश सरकार की गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। गाइडलाइन को सोसाइटी के नोटिस बोर्ड पर चस्पा किया गया है। इसके अलावा सोसाइटी के व्हाट्सएप ग्रुप के साथ लोगों को व्यक्तिगत रूप से भी पटाखों से दूरी बनाने की हिदायत दी गई है। कोरोना के चलते इस बार सामूहिक रूप से दीए जलाने का कार्यक्रम नहीं रखा गया है। करेंगे तो बहुत तेजी में चाहिए प्रदूषण की खतरनाक स्थिति को देखते हुए लोगों पहले से ही पटाखों से दूरी बनाने का संकल्प लिया है। -- नीरज त्यागी, अध्यक्ष, अजनारा इंटीग्रिटी एओए ---------- ट्रांस हिंडन की सोसायटियों ने पटाखों को कहा नाः 1. गौर विलेरियो सोसायटी में लोगों को पटाखे ना फोड़ने के लिए नोटिस द्वारा बता दिया है। जबकि लोग खुद भी प्रदूषण को लेकर काफी जागरूक हैं। सोसायटी में इस पहले लोग इकट्ठा होकर जश्न मनाते थे। लेकिन इस बार यह रद्द कर दिया है। दिन के समय आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी सोसायटी के पीछे जरुरतमंदों की मदद करके त्योहार मनाएंगे। -- सुवोजित अग्रवाला, अहिंसाखंड ------------ 2. प्रदूषण काफी ज्यादा है जिसको लेकर एनजीटी ने पटाखे फोड़ने के लिए प्रतिबंध लगाया है। लोगों से अपील की गई है कि इस बार देशी दीये या फिर गोबर के दीये जलाकर रोशनी फैलाएं। यह त्योहार खुशियां मनाने का है। इसीलिए जो पैसे पटाखों में खर्च होते थे उन पैसों इस बार बुजुर्ग और बेसहारा लोगों के बीच मिठाई देकर त्योहार मनाया जाएगा। -- पारुल सिंह, गौर ग्रीन विस्टा, इंदिरापुरम -------- 3. दम घोंटू प्रदूषण सिर्फ इंसान और पशु-पक्षियों के लिए भी नुकसानदायक होता है। पटाखों से प्रतिवर्ष जानवरों के घायल - जख्मी होने की भी खबरें सुनने-पढ़ने को मिलती है। अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए सोसायटी में पटाखे बैन का नोटिस लगा दिया है। लोगों को ऑनलाइन कार्यक्रम करने की अपील की है। एनजीओ के लोगों से सम्पर्क किया है वहां जाकर बच्चों के साथ त्योहार मनाएंगे। -- पूजा दूबे, जनरल सेक्रेटरी- इंदिरापुरम --- 4. पिछले तीन वर्षों से इकोफ्रेंडली दिवाली मनाता आ रहा हूं। इस बार भी पटाखों से दूरी बनाते हुए लड़की का बारुद और फूलों से रंगोली बनाकर घर सजाने की प्लानिंग है। हाथों से बने गिफ्ट लोगों में बांटने की भी तैयारी की है। यह पेपर रिसाइकल हो जाता है। मैं सभी को लोकल वेंडर से सामान खरीदने की अपील कर रहा हूं। जिससे गरीब और बेसहारा लोगों के घर भी त्योहार मन पाए। -- परम, डब्ल्यूमार्स टीम ------------- क्रासिंग रिपब्लिकः प्रदूषण और कोरोना के बीच सुरक्षित तरीके से मनाएं दीपावली -- प्रदूषण और करोना संक्रमण के बीच दीपावली का त्योहार सुरक्षित तरीके से सब लोग मिल जुल कर बनायें। दीया, लाइट्स, घर में बनी मिठाइयों के साथ, मास्क लगाकर और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए हम सब इस दीपावली के जशन को यादगार बना सकते हैं। और हाँ, इस साल हम सभी को पटाखे पर लॉकडाउन लगा के रखना है। जिससे सुरक्षित रह सकें। अनुरंजन श्रीवास्तव, एडवाइजर स्काइटेक फेज दो -- कोरोना ने पूरे साल सबसे दूर रखा यह त्योहार और उत्सव मनाने का समय है। अब प्रदूषण ने कोरोना से हाथ मिला लिया है। बिना पटाखे और ध्वनि प्रदूषण के भी त्योहार मनाया जा सकता है। दीपावली श्री राम के बनवास से वापस आने का उत्सव है। हम दीपक जलाएंगे, रोशनी करेंगे , मीठा खाएंगे, और खिलाएंगे पर पटाखों से वायु और ध्वनि प्रदूषण नही करेंगे। दीवाली खुशियों का त्योहार है खुशी का इज़हार लोगों को खुशी देने से ज़्यादा क्या हो सकता है। विवेक शर्मा, अध्यक्ष गार्डेनिया -- यह दीपावली हर साल से अलग है। कोरोना महामारी अभी खत्म नहीं हुई है। प्रदूषण और कोरोना एक साथ हमारे लिये बहुत खतरनाक हो सकते हैं। इसलिए नियमावली का पालन करते हुए । बिना पटाखों के दीपावली मनायें। साथ ही बच्चे और बुुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। सभी लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और अनिवार्य रूप से मास्क लगाएं। जिससे प्रदूषण और कोरोना दोनों से बच सकें। नवीन त्यागी, अध्यक्ष लेबोनि -- दीपावली खुशियों का त्योहार है। हम सभी लोग एक वर्ष तक इंतजार करते हैं कि पटाखे छोडेंगे। एक दिन के लिए पटाखे छोड़ने की छूट मिलनी चाहिए थी। जिससे हम लोग त्योहार को और अच्छे से सेलिब्रेट कर सकते हैं। हम लोगों को नियमों का भी ध्यान रखना है। कोरोना के कारण लोगों से दूरी बनाकर रखनी है। बाहर की चीजों का प्रयोग न करें। घरे में बनाए हुए व्यंजन ही ज्यादा से ज्यादा खाएं। शुभित चित्रांश, सचिव क्रॉमा --
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