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समय पर पूरे नहीं होंगे विकास प्रोजेक्ट, व्यवस्था सवालों में

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Tue, 10 Nov 2020 05:44 PM IST
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समय पर पूरे नहीं होंगे विकास प्रोजेक्ट, व्यवस्था सवालों में
हिंडन नए पुल का 20 फ़ीसदी भी पूरा नहीं हो सका निर्माण कार्य - फोटो : Amar Ujala
सबहेडः दिसंबर 2020 तक पूरे होने थे अधिकांश प्रोजेक्ट, एक साल बढ़ी कई प्रोजेक्ट की समयसीमा
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- हिंडन नया पुल, प्रधानमंत्री आवास, नॉर्दर्न पेरीफेरल रोड और बुनकर मार्ट प्रोजेक्ट का 2020 तक पूरा होना था काम, सभी की बड़ी समयसीमा प्रद्युम्न उपाध्याय गाजियाबाद। शहर के विकास को रफ्तार देने वाले जीडीए के विभिन्न प्रोजेक्टों की रफ्तार थमी हुई है। पहले सरकारी व्यवस्था और फिर कोरोना के चलते अधिकांश प्रोजेक्टों की समयसीमा करीब एक साल बढ़ चुकी है। जो प्रोजेक्ट पहले 2020 दिसंबर तक पूरे होने थे, उनके लिए आप दिसंबर 2021 तक का इंतजार कर रहा होगा। इन प्रोजेक्टों में मधुबन बापूधाम योजना में प्रधानमंत्री आवास का पहला प्रोजेक्ट, बुनकर मार्ट, हिंडन नया पुल और नॉर्दन पेरिफेरल रोड शामिल है। -------------- पहले पीएम आवास प्रोजेक्ट की एक साल से ज्यादा बढ़ी समयसीमाः जीडीए ने प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले प्रोजेक्ट की मधुबन बापूधाम योजना में शुरुआत की थी। 856 पीएम आवास के निर्माण की प्रक्रिया सितंबर 2018 में शुरू हुई थी, जो अब तक पूरी नहीं हो सकी है। प्राधिकरण की ओर से सेक्स मार्च 2020 तक निर्माण कार्य पूरा करने की समयसीमा तय की गई थी। लेकिन कोरोना का हवाला देते हुए अब समयसीमा बढ़कर जुलाई 2021 हो गई है। ऐसे में बार-बार बढ़ती समयसीमा व्यवस्था पर सवाल उठा रही है। योजना में करीब 7000 आवेदन आए, लेकिन पात्र पाए गए 4922 आवेदकों का दो साल में सत्यापन भी पूरा नहीं हो सका। फरवरी 2020 में भवनों का आवंटन होने के बावजूद सत्यापन की प्रक्रिया जारी रही।
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----------- मधुबन बापूधाम आरओबी 2020 की जगह अब 2021 में होगा पूराः नॉर्दर्न पेरीफेरल रोड के जरिए एनएच-9 को दिल्ली-मेरठ हाईवे से जोड़ने के लिए रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण होना है। जीडीए ने आरओबी के निर्माण के लिए पहले दिसंबर 2019 की समयसीमा तय की थी, लेकिन रेलवे से मंजूरी मिलने में ही एक साल बीत गया। फिर जनवरी 2020 में रेलवे से हरी झंडी मिलने के बाद दिसंबर 2020 की नई समयसीमा तय की गई। लेकिन कोरोना का हवाला देते हुए आरओबी निर्माण की समयसीमा अब फिर एक साल बढ़ चुकी है। ऐसे में 64 करोड़ के इस प्रोजेक्ट पर दिवाली के बाद निर्माण कार्य शुरू होना व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है।
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----------- जनवरी 2018 में मंजूरी, अब तक नहीं बन पाया हिंडन नया पुलः हिंडन पर नए पुल के निर्माण का प्रस्ताव जनवरी 2018 की जीडीए बोर्ड बैठक में पास हुआ था। लेकिन करीब तीन साल बीतने के बावजूद पुल का 20 फ़ीसदी निर्माण कार्य भी पूरा नहीं हो सका है। फंडिंग की आस में प्रोजेक्ट की फाइल करीब एक साल तक शासन के गलियारों में चक्कर काटती रही। जीडीए ने निर्माण का जिम्मा सरकारी एजेंसी सेतु निगम को दे तो दिया है, लेकिन कोरोना के चलते काम बेहद सुस्त रफ्तार से चल रहा है।
------------ नॉर्दर्न पेरिफेरल रोड प्रोजेक्ट पूरा होने का इंतजारः एनएच-9 को दिल्ली-मेरठ हाइवे और फिर लोनी तक जोड़ने वाले नॉर्दर्न पेरिफेरल रोड प्रोजेक्ट के पूरा होने का शहरवासियों को लंबे अरसे से इंतजार है। तीन चरणों में पूरे होने वाले इस प्रोजेक्ट पर करीब 466.46 करोड़ खर्च होने हैं। लेकिन प्रोजेक्ट की फंडिंग का प्रस्ताव शासन में लंबित है। शासन से फंडिंग मिलने के बाद ही प्रोजेक्ट में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। एनएच-9 से दिल्ली-मेरठ रोड तक 6.40 किमी एनपीआर के निर्माण पर 223.92 करोड़ और दिल्ली-मेरठ रोड से लोनी की ओर 3.5 किमी एनपीआर रोड व 6.26 किमी लंबी राजनगर एक्सटेंशन आउटर रिंग रोड पर 242.54 करोड़ खर्च किए जाने हैं। ------------
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