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रियल एस्टेट में छंटे मंदी के बादल, चार माह में बिकी बंपर संपत्तियां
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आशियाना
- फोटो : Amar Ujala
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सबहेडः जीडीए की बीते चार माह में बिकी 182 औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय संपत्तियां, प्राधिकरण को हुई 125 करोड़ किया आय
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- विभिन्न क्षेत्रों में बिल्डर प्रोजेक्ट में 15000 रेडी-ट-मूव फ्लैट्स तैयार, बीते तीन माह में हुई 4000 बुकिंग
प्रद्युम्न उपाध्याय
गाजियाबाद। कोरोना काल में व्यावसायिक, औद्योगिक के साथ आवासीय संपत्तियों की बढ़ी मांग रियल एस्टेट सेक्टर में मंदी के बादल छंटने की ओर इशारा कर रही है। बीते चार महीनों में गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों के साथ लोगों ने विभिन्न क्षेत्रों में बिल्डरों के प्रोजेक्ट में फ्लैटों की बंपर बुकिंग कराई है। कोरोना काल में जीडीए ने जुलाई से लेकर अक्टूबर तक 182 औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय संपत्तियां बेची हैं, जिससे प्राधिकरण को करीब 125 करोड़ की आय हुई है।
जीडीए ने 30 औद्योगिक, सात व्यावसायिक भूखंडों के साथ पहले आओ पहले पाओ योजना के तहत 128 भवन और 15 आवासीय भूखंडों की बिक्री की है। संपत्तियों के खरीदारों के आगे आने के चलते जीडीए की ओर से अब हर सप्ताह शुक्रवार और शनिवार को नियमित नीलामी प्रक्रिया आयोजित की जा रही है। लोगों के आगे आने से रियल एस्टेट सेक्टर के लिए अच्छे संकेत मिल रहे हैं। सर्वाधिक औद्योगिक भूखंडों की नीलामी जीडीए ने दिल्ली से सटे इंद्रप्रस्थ योजना में की है। इसके अलावा जीडीए की मधुबन बापूधाम योजना, कोयल एंक्लेव, कर्पूरीपुरम, नंदग्राम व गोविंदपुरम योजना में संपत्तियों की बिक्री हुई है। इसके अलावा जीडीए ने संजयनगर, कविनगर, प्रतापविहार योजना चार सामुदायिक भवनों का लीज पर आवंटन कर करोड़ों की आय अर्जित की है। अब प्राधिकरण अन्य योजनाओं में भी औद्योगिक व व्यवसायिक भूखंड बेचने की योजना तैयार कर रहा है। प्राधिकरण की योजना अधिक से अधिक व्यावसायिक और औद्योगिक भूखंड बेच कर जीडीए की आय में इजाफा करने की है।
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मंदी के दौर के बीच मिल रहे अच्छे संकेत
रियल एस्टेट सेक्टर में बीते कई सालों से मंदी का दौर है। कोरोना महामारी के दौरान तो रियल स्टेट पूरी तरह ठप हो गया। कोरोना काल में जीडीए ने अपनी विभिन्न योजनाओं में बचे भूखंड बेचने की रणनीति तैयार की। इसी योजना के तहत प्राधिकरण ने करीब तीन महीने से नीलामी प्रक्रिया का आयोजन हर हफ्ते शुरू किया। नई रणनीति के तहत प्राधिकरण ने सभी योजनाओं बचे भूखंड सार्वजनिक किए। जिससे खरीददार मौके पर जाकर अपनी मनपसंद का भूखंड देखकर भूखंड खरीद सके। ऐसे में बड़ी संख्या में व्यावसायिक और औद्योगिक भूखंडों की बिक्री होने से रियल एस्टेट सेक्टर के लिए अच्छे संकेत देखने को मिल रहे हैं।
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बीते तीन माह में 4000 फ्लैटों की हुई बुकिंगः
रियल एस्टेट सेक्टर के लिए कोरोना काल के बीते तीन माह राहत लेकर आए हैं। महानगर के राजनगर एक्सटेंशन, क्रॉसिंग रिपब्लिक, एनएच-9, दिल्ली-मेरठ हाईवे, इंदिरापुरम वसुंधरा सहित अन्य क्षेत्रों में बिल्डरों के विभिन्न प्रोजेक्टों में करीब 15,000 रेडी-टू-मूव और एक-दो साल में पजेशन वाले फ्लैट बनकर तैयार है। बीते अगस्त माह से अब तक लोगों ने करीब 4000 फ्लैटों की बुकिंग कराई है। इनमें अकेले अक्टूबर में बुकिंग का आंकड़ा 2000 के आसपास है। नवरात्रों में करीब 850 फ्लैटों की बुकिंग हुई। लोगों का फ्लैट खरीदने के लिए आगे आना रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए अच्छे संकेत दिखा रहा है।
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कोरोना ने नए विकल्प तलाशने को किया मजबूरः
रियल स्टेट से जुड़े जानकारों की मानें तो कोरोना महामारी के दौरान हुए लॉकडाउन में बढ़ी संख्या में लोगों का रोजगार प्रभावित हुआ है। इसी के चलते लोग रोजगार के नए विकल्प तलाश रहे हैं। खुद का व्यवसाय शुरू करने के उद्देश्य से लोग नए भूखंडों की खरीदारी करने का मन बना रहे हैं। भूखंड औद्योगिक भूखंडों की खरीदारी में एक बात सामने आई है कि कई लोग मिलकर औद्योगिक भूखंड खरीदने को आगे आए हैं।
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कोट.........
2. प्राधिकरण के व्यावसायिक अनुभाग ने औद्योगिक और व्यावसायिक भूखंडों को बेचने की नई रणनीति के तहत काम शुरू किया। सही रणनीति के चलते लोग औद्योगिक और व्यावसायिक भूखंड खरीदने के लिए आगे आ रहे हैं। प्राधिकरण अन्य योजनाओं में भी खाली पड़े व्यावसायिक भूखंड बेचने की योजना तैयार कर रहा है। -- संतोष कुमार राय, सचिव, जीडीए
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2. फ्लैटों के साथ व्यावसायिक संपत्तियों में निवेश के लिए लोग आगे आ रहे हैं। महानगर के विभिन्न क्षेत्रों के प्रोजेक्ट बीते तीन माह में लोगों ने करीब चार हजार बुकिंग कराई है। नई संपत्तियों के साथ रीसेल में भी संपत्तियां खरीदने में लोगों का रुझान दिख रहा है। - गौरव गुप्ता, अध्यक्ष, क्रेडाई गाजियाबाद
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