{"_id":"5fa173ce8ebc3e1a231f0cc8","slug":"ghaziabad1604416462","type":"story","status":"publish","title_hn":"जमीन बेचने का झांसा दे 14 लाख ठगे, मां-बेटों पर केस","category":{"title":"Local","title_hn":"लोकल","slug":"local"}}
जमीन बेचने का झांसा दे 14 लाख ठगे, मां-बेटों पर केस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन
गाजियाबाद। जमीन बेचने के नाम पर 14 लाख की ठगी का आरोप लगाते हुए गोविंदपुरम निवासी संदीप चौधरी ने एक महिला व उसके तीन बेटों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। पीडि़त का कहना है कि उक्त लोगों ने जमीन बेचने के नाम पर पैसे ले लिए और बैनामा नहीं किया। पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने पर उन्होंने कोर्ट की शरण ली।.................
गोविंदपुरम निवासी संदीप चौधरी का कहना है कि उनकी रयल एंटरप्राइजेज नाम की फर्म है, जिसके जरिये वह संपत्ति की खरीद-फरोख्त करते हैं। फर्म का एक ऑफिस कर्पुरिपुरम गोविंदपुरम व दूसरा ऑफिस गणेश पुरम मोरटी में है। विशु चौधरी निवासी गोविंदपुरम, सुनील कुमार निवासी मदरपुरा सरधना मेरठ, रामेश्वर दयाल निवासी गोविंदपुरम व मोर सिंह निवासी प्रेम विहार खोड़ा कॉलोनी उनके पार्टनर हैं। संदीप चौधरी का कहना है कि व्यापार के दौरान उनकी जान-पहचान वीर सिंह निवासी बेगमाबाद मोदीनगर से हुई, जो कमीशम लेकर जमीन दिखवाने व खरीदवाने का काम करने लगा। अगस्त 2017 में वीर सिंह उनके गोविंदपुरम स्थित ऑफिस पर आया और ग्राम मोरटी की जमीन के दस्तावेज दिखाए। उसने अपनी कैंसर की बीमारी का हवाला देते हुए रुपयों की जरूरत बताई और उक्त जमीन का सौदा 37 लाख में तय कर दिया। अगस्त 2017 में ही वीर सिंह अपनी पत्नी शांति व बेटों सुरेंद्र, जितेंद्र और कालू को लेकर दफ्तर आया उनके पार्टनर को बताया कि जमीन पर तेजपाल निवासी गोविंदपुरम से उसका विवाद चला आ रहा है। वह तेजपाल को 17 लाख रुपये दे दें, बाकी रकम लेकर व जमीन का बैनामा उनकी फर्म के नाम कर देगा। आरोप है कि वीर सिंह ने उक्त 17 लाख के अलावा साढ़े 3 लाख रुपये नगद लिए और तेजपाल से लिखित समझौता कर लिया। इसके बाद वीर सिंह के परिजनों ने वीर सिंह की बीमारी का हवाला देते हुए कई बार में 14 लाख रुपये ले लिए। दिसंबर 2018 में कैंसर से वीर सिंह की मौत हो गई। आरोप है कि लिखित दस्तावेज होने के बावजूद वीर सिंह के परिजनों ने जमीन का बैनामा उनकी फर्म के बजाय उसकी पत्नी शांति देवी के नाम कर दिया।
विज्ञापन