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रेलवे में नौकरी के नाम पर दुकानदार से 20 लाख ठगे, केस दर्ज
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- मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव से संबंध बता कर आरोपियों ने दिया था झांसा
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- पीड़ित को चक्कर कटाती रही पुलिस, ढाई महीने बाद कप्तान के आदेश पर हुआ केस
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव से संबंध बता रेलवे में नौकरी के नाम पर 20 लाख रुपये ठगने के मामले में विजयनगर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। थानाक्षेत्र की चरण सिंह कॉलोनी निवासी दुकानदार सुरेश चंद का कहना है कि दो आरोपियों ने बेटे व भाई की नौकरी लगवाने की एवज में उनके साथ ठगी की। आरोपियों ने दिल्ली के एक अस्पताल में फर्जी मेडिकल परीक्षण भी कराया। पोल खुलने पर उन्होंने पैसे मांगे तो आरोपियों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। वह आरोपियों पर कार्रवाई के लिए पुलिस के चक्कर काट रहे थे। ढाई महीने बाद एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज किया है।................
सुरेश चंद का कहना है कि घर के बाहरी हिस्से में ही उनकी परचून की दुकान है। उनकी दुकान पर महेंद्र पंवार और अमरपाल सिंह नाम के दो व्यक्ति सामान लेने आते थे। जनवरी 2018 में उनसे बातचीत शुरू हुईं तो उन्होंने खुद के संबंध रसूखदार लोगों से बताए। दोनों व्यक्ति अपने बेटों की रेलवे में नौकरी लगने की बात करते थे। रेलवे में नौकरी के बारे में पूछने पर उन्होंने सेटिंग बताई और उसके सामने भी बेटे दीपक गौतम और भाई अरुण कुमार की नौकरी लगवाने का प्रस्ताव रख दिया। पीडि़त का कहना है कि आरोपियों के झांसे में आकर वह बेटे व भाई की नौकरी लगवाने को तैयार हो गए। आरोपियों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रमुख सचिव से उनके अच्छे संबंध हैं। उन्हीं के माध्यम से वह अपने बेटों की नौकरी लगवा रहे हैं। राजेश का कहना है कि बेटे व भाई की नौकरी लगवाने की एवज में आरोपियों ने उनसे 30 लाख रुपये की मांग की, लेकिन उन्होंने इतनी मोटी रकम देने में असमर्थता जाहिर की तो सौदा 20 लाख रुपये में तय हो गया।
आरोपियों ने फर्जी मेडिकल परीक्षण भी कराया..............
पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने दो महीनों में नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया था। साथ ही, इस संबंध में प्रमुख सचिव से बात होने का हवाला भी दिया था। काफी समय बीतने के बाद भी नौकरी न लगने पर उन्होंने टोका तो आरोपी इधर-उधर की बातें करने लगे। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। आरोप है कि रकम वापस मांगने पर उक्त लोगों द्वारा जानलेवा हमला कर दिया। थाने में शिकायत करने पर पुलिस ने कार्रवाई करने की बजाय उल्टे उन्हें दुत्कारकर भगा दिया।
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