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अस्थाई जेल में पढ़ने पहुंच रहे 400 बच्चों की भविष्य खतरा

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Tue, 20 Oct 2020 10:58 PM IST
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- अस्थाई जेल में पढ़ने के लिए पहुंच रहे 400 बच्चे
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माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। शंभू दयाल इंटर कॉलेज में बनी अस्थाई जेल में पढ़ने पहुंच रहे 400 छात्रों की जान को खतरा बना हुआ है। जिला प्रशासन ने अस्थाई जेल को समाप्त करने से पहले ही बच्चों को विद्यालय भेजना शुरू कर दिया। लॉकडाउन में प्रशासन ने कॉलेज को अस्थाई जेल बनाया था । वर्तमान में इस जेल के अंदर 50 से 150 कैदी प्रतिदिन रहते हैं। शासन में 19 अक्टूबर से प्रदेश में कक्षा 9 से 12 तक सभी स्कूलों को खोलने के आदेश जारी किए थे । शासनादेश के बाद सभी स्कूलों ने जिले में कक्षा 9 से 12 तक खोलने की तैयारी कर ली थी । लॉकडाउन के दौरान जिला प्रशासन ने शंभू दयाल इंटर कॉलेज को अस्थाई जेल बना दिया था । इस जेल के अंदर प्रतिदिन काफी संख्या में कैदी आते हैं। स्कूल प्रशासन के अनुसार जेल के अंदर 50 से 150 कैदी प्रतिदिन रहते हैं। विद्यालय प्रशासन का कहना है कि स्कूल खुलने से पहले डीआईओएस और जिलाधिकारी को अस्थाई जेल समाप्त करने के बारे में पत्र लिखा गया था। इस मामले में जिला प्रशासन ने कोई सुनवाई नहीं की। सोमवार को निरीक्षण पर आए जिलाधिकारी अजय शंकर पांडे से भी इस मामले में फिर से मौखिक शिकायत की गई थी। उन्होंने जेल को जल्दी किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने का आश्वासन दिया था। अभी तक इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई है। विद्यालय रिकॉर्ड के अनुसार कक्षा 9 से 12 तक 2567 छात्र पंजीकृत हैं। करीब 12 सौ छात्रों को पढ़ने के लिए स्कूल में बुलाया जा रहा है। इसमें से 400 छात्र ही पढ़ने के लिए विद्यालय प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। इस छात्र छात्राओं के ऊपर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
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- पूरे दिन स्कूल परिसर में आते-जाते रहते हैं कैदी स्कूल खुलने से लेकर बंद होने तक पूरे दिन पुलिसकर्मी कैदियों को परिसर से लाते ले जाते रहते हैं। पढ़ने वाले बच्चे पढ़ाई में कम और इन कैदियों पर ज्यादा ध्यान देते हैं। उनमें कैदियों के बारे में जानने की रुचि रहती है। छात्र एक दूसरे से कैदियों के बारे में चर्चा भी करते रहते हैं। लोगों का कहना है कि स्कूल परिसर में जेल नहीं होनी चाहिए इसे छात्र-छात्राओं पर काफी गलत प्रभाव पड़ता है।
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- पत्र लिखने के बाद भी नहीं हटी अस्थाई जेल शंभू दयाल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य देवेंद्र कुमार ने बताया कि जिला अधिकारी और डीआईओएस को अस्थाई जेल हटाने की मांग की गई थी। उनका कहना है कि अस्थाई जेल बनने के दौरान यह बात तय हुई थी कि विद्यालय खुलने पर इस जेल को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा। अभी तक जेल को स्थानांतरित नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी और डीआईओएस ने जल्द ही जेल को हटाने का आश्वासन दिया है।
वर्जन शंभू दयाल इंटर कॉलेज में बनी अस्थाई जेल को लेकर जिलाधिकारी से वार्ता हो गई है । उन्होंने जल्द जेल को स्थानांतरण करने का आश्वासन दिया है । एक-दो दिन में समस्या का समाधान हो जाएगा। रवि दत्त, डीआईओएस
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