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संशोधित खबर : नकली शराब और गुटखा बनाने की फैक्ट्री का खुलासा

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sun, 18 Oct 2020 06:25 PM IST
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माई सिटी रिपोर्टर
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गाजियाबाद। सदरपुर मधुबन बापूधाम स्थित एक फार्म हाउस पर छापेमारी कर कविनगर पुलिस ने नकली शराब और गुटखा बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। मौके से पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में तैयार की गई अवैध शराब, गुटखा, खाली पव्वे, गुटखे की पैकिंग, कच्चा माल, दो गाडिय़ां और उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि फार्म हाउस मालिक फरार है। उसकी भी तलाश की जा रही है। आरोपी मिस इंडिया के नाम से नकली देशी शराब और दिलबाग के नाम से नकली गुटखे बना रहे थे। एसपी सिटी अभिषेक वर्मा ने बताया कि सूचना के आधार पर सदरपुर निवासी जगवीर सिंह के फार्म हाउस पर छापेमारी की गई। वहां नकली शराब और गुटखा बनाने की फैक्ट्री चलती मिली। मौके से जिन पांच आरोपियों को पकड़ा गया उनमें निवाड़ी निवासी फारूख, उसका बेटा वरीश, शाहरूख और रहीस व मोदीनगर निवासी आजाद शामिल हैं। जबकि फार्म हाउस मालिक जगवीर अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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हर रोज बनाते थे लाखों रुपए की नकली शराब एसपी ने बताया कि आरोपी दो महीने से इस गोरखधंधे को अंजाम दे रहे थे। उन्होंने फैक्ट्री चलाने के लिए जगवीर से फार्म हाउस में जगह किराए पर ली थी। वह रोजाना 100 से ज्यादा पेटियां नकली शराब की बना लेते थे। मिस इंडिया नाम से बनाई गई शराब की एक पेटी को वह 16 सौ रुपए में सरकारी ठेकों पर बेचा करते थे। इस तरीके से वह लाखों रुपए की शराब रोजाना बनाकर बाजार में बेच रहे थे। इसके अलावा नकली गुटखा बनाकर वह दिलबाग कंपनी के रैपर में पैक करते थे। पुलिस का कहना है कि पिता फारूख और उसका बेटा वरीश पूरे गोरखधंधे के मास्टरमाइंड हैं।
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आसपास के जिलों में गाडिय़ों से करते थे सप्लाई पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह दिल्ली से कच्चा माल कर नकली शराब और गुटखा बना रहे थे। शराब बनाने के लिए वह 200 लीटर के ड्रम में एल्कोहल, पानी और शराब के कलर का केमिकल मिलाते थे। कुछ देर मिक्सिंग करने के बाद बनाई गई नकली शराब को प्लास्टिक व कांच के पव्वों में पैक कर मशीन से सील लगाकर पैक कर देते थे। माल सप्लाई के लिए वह आई.20 और महेन्द्रा पिकअप गाडिय़ों का इस्तेमाल करते थे। दिल्ली.एनसीआर के अलावा आसपास के जिलों में भी उनके माल की सप्लाई होती थी। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि लॉकडाउन खुलने के बाद से शराब की खासी डिमांड थी। जिसका फायदा उठाकर उन्होंने नकली शराब बनाने का धंधा शुरू कर दिया था।
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