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विवेचनाधिकारी कर रहे खेल, किसी अन्य को सौंपी जाए जांच
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बुलंदशहर। डिबाई के मोहल्ला चौक दुर्गाप्रसाद निवासी एक युवक ने दर्ज कराए धोखाधड़ी के मामले में विवेचनाधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि विवेचना कर रहे एक दरोगा मामले में आरोपी पक्ष से सांठगांठ किए हुए हैं। अभी तक एक आरोपी को जेल भेजा गया है। जबकि, अन्य आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। पीडि़त ने मामले में किसी अन्य अधिकारी से जांच कराए जाने की मांग की है।
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डिबाई निवासी राहुल सिंघल ने बुधवार को एसएसपी को शिकायती पत्र देकर बताया कि उसने प्रेमपाल, रजत, विशाल गिरी के खिलाफ डिबाई थाने में धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई थी। इन युवकों ने उसे लोन दिलाने के नाम पर लाखों रुपये हड़पे थे। लोन नहीं हुआ तो उसके रुपये वापस नहीं दिए थे। आठ अक्टूबर को तीनों को दारोगा ने पकड़ लिया। जब तीनों को थाने पर लाया गया तो राहुल सिंघल को भी पहचान के लिए बुलाया गया। राहुल सिंघल ने तीनों को पहचान लिया। दारोगा ने आश्वासन दिया कि वह तीनों को जेल भेजेंगे, लेकिन रात में दारोगा ने खेल करने के बाद रजत और विशाल गिरी को थाने से छोड़ दिया। केवल प्रेमपाल को ही जेल भेजा गया। आरोप है कि दारोगा ने दोनों आरोपियों को छोडऩे के सांठगांठ की है। अब भी उनकी गिरफ्तारी नहीं कर रहे हैं। पीडि़त ने मामले की जांच किसी अन्य अफसर से कराए जाने की मांग की है। वहीं, एसएसपी ने मामले में जांच के बाद कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
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