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विद्युत संगठनों का अनिश्चितकालीन कार्य का बहिष्कार

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Mon, 05 Oct 2020 05:36 PM IST
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फोटो सहित
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---- विद्युत संगठनों का अनिश्चितकालीन कार्य का बहिष्कार - विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने मुख्य अभियंता कार्यालय पर दिया धरना - निजीकरण के विरोध में बड़ी संख्या में जुटे विद्युत कर्मी माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। उप्र पावर कारपोरेशन प्रबंधन एवं विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बीच रविवार देर रात तक चली वार्ता विफल हो गई। इसके बाद सोमवार से विद्युत संगठनों ने अनिश्चितकालीन कार्य का बहिष्कार शुरू कर दिया। राजनगर स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय पर संघर्ष समिति के बैनर तले धरना प्रदर्शन किया गया। किसान संगठन भी विद्युत कर्मियों के साथ धरने में नजर आए। वार्ता के दौरान संघर्ष समिति ने बिजली व्यवस्था में सुधार और राजस्व वसूली में वृद्धि किए जाने संबंधी कई सुझाव दिए, लेकिन प्रबंधन निजीकरण की जिद पर अड़ा रहा, जिससे वार्ता विफल हो गई। समिति ने बिजली व्यवस्था में सकारात्मक सुधार के अपने संकल्प को दोहराते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से दोबारा अपील की है कि ऊर्जा क्षेत्र में प्रबंधन द्वारा तैयार किए जा रहे टकराव के वातावरण को समाप्त करने के लिए कदम उठाएं। कार्य बहिष्कार के दौरान बिजली उत्पादन गृहों, 765/400 केवी के विद्युत उपकेन्द्रो एवं प्रणाली नियंत्रण में शिफ्ट में कार्य करने वाले कार्य बहिष्कार में सम्मिलित नही होगें, जिससे कि जनता को अनावश्यक तकलीफ न हो। संघर्ष समिति ने यह भी बताया कि कार्य बहिष्कार के दौरान अस्पतालों एवं पेयजल व अन्य आवश्यक सेवाओं की विद्युत आपूर्ति बनाए रखा गया, जिससे कि आम जनता को असुविधा का सामना न करना पड़े। प्रदर्शन कर रहे कर्मियों ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया को तत्काल निरस्त करने की मांग की। जिले में 1200 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर धरने में सहमिल हुए। इस मौके पर हिर्देश गोस्वामी, रामनारायण, अभिमन्यु, राज सिंह, शेर सिंह, ओपी तेवतिया, योगेंद्र लाखा, दिलनवाज आदि मौजूद रहे।
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----- निजीकरण के मुद्दे पर संघर्ष समिति पीछे नहीं हटेगी। जनता को असुविधा न हो इसके लिए इंतजाम किए गए हैं। - अनिल चौरसिया, संयोजक विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति ------ कार्य बहिष्कार को हड़ताल बताकर गुमराह किया जा रहा है। प्रबंधन ने नोटिस भेजे हैं। अगर की कर्मचारी के खिलाफ कार्यवाही हुई तो हड़ताल और जेल भरो आंदोलन होगा।
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- अवधेश कुमार, सह संयोजक विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति ----- प्रदेश भर में विद्युत कर्मियों ने एकता का संदेश दिया है। किसान सहित कई संगठनों ने भी अपना समर्थन दिया है। एससी यादव, क्षेत्रीय अध्यक्ष विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति
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