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बढ़ सकता है बिजली संकट, पांच अक्टूबर से संपूर्ण कार्य बहिष्कार
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बढ़ सकता है बिजली संकट, पांच अक्टूबर से संपूर्ण कार्य बहिष्कार
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- निजीकरण का विरोध के रहे विद्युत संगठनों ने की घोषणा
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम को निजी हाथों में सौंपने के प्रस्ताव का विरोध कर रहे विद्युत कर्मियों ने पांच अक्टूबर से संपूर्ण बहिष्कार की घोषणा की है। अगर विद्युत कर्मी पूरे दिन के कार्य का बहिष्कार करते हैं तो बिजली संकट बढ़ सकता है।
जिले में विद्युत अधिकारी और कर्मचारियोंन के संगठन प्रतिदिन 3 घंटे कार्य का बहिष्कार कर रहे हैं। इसके अलावा दूहर दो बजे से राजनगर स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय पर धरना दिया जा रहा है। निजीकरण के विरोध में आंदोलन कर रही संघर्ष समिति के संयोजक अवधेश कुमार ने कहा कि निजीकरण से एक तरफ उपभोक्ताओं पर अधिक बिल की मार पड़ने वाली है दूसरी तरफ विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों से स्नातक तथा पॉलिटेक्निक कॉलेजों से डिप्लोमा प्राप्त एवं आईटीआई कॉलेजों से डिप्लोमा प्राप्त विभिन्न मानव श्रम के बेरोजगारी की मार झेलने की पूरी आशंका है। साथ ही साथ कार्यरत कार्मिकों के शॉर्टलिस्टिंग का भी प्रावधान है। सह संयोजक अनिल चौरसिया ने कहा कि एक तरफ तो लॉकडाउन ने विभिन्न आमजन की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए घरेलू बजट को बिगाड़ दिया है दूसरी तरफ इस प्रकार बिजली को निजी हाथों में देने से बिजली बिल की दरों में वृद्धि होने की पूरी आशंका है। उन्होंने कहा कि पांच अक्टूबर से प्रदेश के साथ जिले में पूरे दिन कार्य का बहिष्कार किया जाएगा। अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार से होने वाली औद्योगिक अशांति के लिए प्रबंधन एवं सरकार स्वयं जिम्मेदार होगी।
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