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एसटीएफ ने हत्यारोपी इनामी को मुठभेड़ में दबोचा

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2020 10:32 PM IST
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- फोटो : Amar Ujala

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बुलंदशहर। खानपुर थाना क्षेत्र के गांव जाड़ौल के पूर्व प्रधान संजय उर्फ संजीव की हत्या के मामले में फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश मोनू के साथ बुधवार देर रात देहात कोतवाली और एसटीएफ की मुठभेड़ हुई। दोनों टीम ने आरोपी को भूड़ चौराहे के पास से घेराबंदी कर दबोच लिया। बताया गया कि एसटीएफ टीम आरोपी का सिकंदराबाद क्षेत्र से ही पीछा कर रही थी। जिसे अब न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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देहात कोतवाली क्षेत्र की यमुनापुरम कालोनी में संजय उर्फ संजीव अपने परिवार के साथ रहता था। साथ ही वह खानपुर पुलिस का हिस्ट्रीशीटर भी था और गांव जाड़ौल का पूर्व प्रधान रह चुका था। गत १५ जून की रात करीब साढ़े नौ बजे वह अपनी एक रिश्तेदारी से लौट रहा था तो उसकी यमुनापुरम इलाके में नौ गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस की जांच में सामने आया था कि धनौरा निवासी अमित ने पुरानी रंजिश के चलते अपने साथी जयकुमार उर्फ जैका, जावेद आलम, सोनू उर्फ प्रमोद के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया था। सभी पर 25-25 हजार का इनाम भी घोषित हो गया था। बाद में सभी को गिरफ्तार करके पुलिस ने जेल भेज दिया था। इस मामले में पुलिस की जांच में मोनू पुत्र सुरेंद्र निवासी मनोहरगढ़ी थाना औरंगाबाद का नाम भी सामने आया था। पूछताछ में सामने आया कि मोनू ने हत्या वाली रात को संजीव उर्फ संजय की मुखबिरी की थी। उसी ने शूटरों को लोकेशन बताई थी। मोनू ने पूछताछ में बताया कि संजीव और मोनू ने गंगेरूआ बाईपास पर 19 लाख रुपये की जमीन खरीदी थी। इस जमीन में संजीव प्रधान ने प्लाटिंग करनी शुरू कर दी और मोनू को एक रुपया नहीं दिया। उसने मांगा तो उसे धमकी दी गई। जिसके बाद संजीव प्रधान की हत्या कराने के लिए वह कुख्यात शूटर अमित धनौरा के साथ मिल गया और मुखबिरी कराकर हत्याकांड को अंजाम दिलाया। एसटीएफ मेरठ की एक टीम आरोपी की तलाश में थी। बुधवार रात को उसकी लोकेशन सिकंदराबाद के पास मिली। जिसके बाद टीम ने उसका पीछा करना शुरू किया और देहात कोवताली क्षेत्र में भूड़ चौराहे के निकट देहात कोतवाली पुलिस की मदद से आरोपी की घेराबंदी की। लेकिन, आरोपी फायर कर भागने की कोशिश करने लगा। लेकिन, उसे बाद में दबोच लिया गया। एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मोनू पर 25 हजार का इनाम था। उसे बुधवार की रात गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

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