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नारी उत्थान के अग्रदूत थे विद्यासागर
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माई सिटी रिपोर्टर
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गाजियाबाद। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद ने समाज सुधारक ईश्वर चन्द्र विद्यासागर की 200वीं जयंती पर ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया। इस दौरान
केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि विधवा पुनर्विवाह के लिए आवाज उठाने वाले ईश्वर चंद विद्या सागर ही थे। उनके प्रयासों से ही 1856 ई. में विधवा-पुनर्विवाह कानून पारित हुआ। उनकी जयंती पर उनके जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।
मुख्य अतिथि आर्य नेत्री सुदेशवीर आर्या ने कहा कि नारी जाति के सम्मान व शिक्षा के लिए महर्षि दयानन्द से प्रेरणा लेकर अनेकों महापुरुषों ने कार्य किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षा समाजसेवी प्रेमलता सरीन ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम अपने महापुरुषों के दिवस आने वाली पीढ़ी को प्रेरणा देते हैं। योगाचार्य सौरभ गुप्ता ने कार्यक्रम का संचालन किया और विद्या सागर के जीवन से प्रेरणा लेकर युवकों केा सीखने का आह्वान किया।
आचार्य यशोवीर आर्य,डॉ आर के आर्य,देवेन्द्र, भगत, सुरेन्द्र शास्त्री, देवेन्द्र गुप्ता,मृदुला अग्रवाल, यजवीर चौहान, काशीराम,विजया रानी शर्मा,चंद्र प्रभा सेठी आदि उपस्थित थे।
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