{"_id":"5f64a7f78ebc3eb73245417c","slug":"ghaziabad1600432119","type":"story","status":"publish","title_hn":"कैब लूट का विरोध करने पर चालक की हत्या, फेंकने के लिए दिल्ली से गाजियाबाद पहुंचे आरोपी","category":{"title":"Local","title_hn":"लोकल","slug":"local"}}
कैब लूट का विरोध करने पर चालक की हत्या, फेंकने के लिए दिल्ली से गाजियाबाद पहुंचे आरोपी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन
साहिबाबाद। मोहननगर चौराहे पर 12 सितंबर की सुबह दिल्ली की चालक सिकंदर की हत्या कर कैब को सड़क किनारे छोड़ने के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया। कैब लूट का विरोध करने पर चार बदमाशों ने हत्या कर कैब में शव को मोहननगर चौराहे पर छोड़कर ऑटो में बैठकर दिल्ली फरार हो गए थे। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त पिस्टल, कारतूस, मोबाइल, और एक बाइक बरामद की है। पुलिस फरार दो आरोपियों की तलाश कर रही है।
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि साहिबाबाद के नागद्वार गेट के पास से बृहस्पतिवार देर रात एसएचओ साहिबाबाद पुलिस टीम के साथ चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान दो बाइक पर सवार होकर चार संदिग्ध आते दिखे। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो आरोपी बाइक को हिंडन नदी की ओर मोड़कर भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया तो एक बाइक पर सवार दो बदमाश फिसलकर गिर गए। जबकि दूसरे बाइक पर सवार दो बदमाश फरार होने में कामयाब रहे। एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी आशीष उर्फ आशू निवासी लोनी बार्डर और सोहन पाल निवासी करावल नगर दिल्ली हैं। दोनों के पास से पुलिस ने एक पिस्टल, मोबाइल और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दोनों ने रंजीत और अंशुल के साथ मिलकर कैब लूटने की योजना तैयार थी। इसके लिए 11 सितंबर की रात में धौलाकुंआ से आनंद विहार के लिए उन्होंने कैब बुक की। दो सौ रुपये प्रति सवारी के हिसाब से तय होने पर सिकंदर पासवान निवासी लाजपतनगर चल दिया। इसी दौरान सुनसान स्थान देखकर चारों ने लघुशंका करने के लिए कैब रुकवाई। इसके बाद सिकंदर पासवान को पीछे खींचकर कैब आरोपी ने अपने कब्जे में ले ली। विरोध करने पर सिकंदर की पिटाई कर दी। इसके बाद सिर में पिस्टल की बट से ताबड़तोड़ वार कर दिए। जिसमें उसकी मौत हो गई। 12 सितंबर की सुबह मोहन नगर चौराहे के पास पुलिस की चेकिंग चल रही थी। पकड़े जाने के डर से वह कैब को मोहननगर चौराहे पर छोड़कर फरार हो गए।
सीसीटीवी में कैद ऑटो से हत्यारोपियों तक पहुंची पुलिस
एएसपी केशव कुमार ने बताया है कि पुलिस लगातार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही थी। इस दौरान कैब को सड़क किनारे छोड़कर एक ऑटो में बैठकर चार आरोपी भागते हुए नजर आए। पुलिस ने ऑटो की तलाश शुरू की। आरोपी 12 सितंबर की सुबह मोहन नगर चौराहा से ऑटो में करावल नगर तक गए थे। इसके बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची। आरोपी बृहस्पतिवार को राजनगर एक्स्टेंशन की ओर लूट की वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। पुलिस फरार रंजीत और अंशुल की तलाश कर रही है।
विज्ञापन
कैब से चालक को फेंकने के लिए गाजियाबाद पहुंचे आरोपी
एसपी सिटी अभिषेक वर्मा ने बताया कि पूछताद में आरोपियों का कहना था कि उन्होंने पहले एक अन्य कैब को बुक करने का प्रयास किया। लेकिन कैब चालक ने आरोपियों से आईडी मांगी। इस पर आरोपियों ने उसके साथ जाने से इंकार कर दिया। फिर आरोपियों ने सिकंदर को रोका। यह आठ सौ रुपये में आनंद विहार चलने को तैयार हो गया। आरोपी धौलाकुआं से अक्षरधाम होते हुए एनएच नौ से विजयनगर की ओर पहुंच गए। लेकिन कैब के साथ साथ ट्रैफिक अधिक होने के कारण वह चालक को कार से फेंक नहीं सके। इसके बाद आरोपी जीटी रोड से होते हुए मोहननगर की ओर पहुंचे। जहां चेकिंग के डर से कार को सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गए।
कुख्यात अपराधी है आशीष, पुलिस पर भी कर देता है फायरिंग
एसएचओ साहिबाबाद विष्णु कौशिक ने बताया कि आरोपी आशीष बहुत ही कुख्यात बदमाश है। उसपर गाजियाबाद, दिल्ली में करीब 40 मुकदमे हत्या, चोरी, लूट समेत अन्य के दर्ज हैं। वह तीन माह पूर्व ही जेल से छूटकर आया था। इसके लिए उसने लूट की योजना तैयार कर वारदात की। एसएचओ ने बताया कि वह बहुत शातिर है। बचने के लिए पुलिस पर फायरिंग कर देता है। 2019 में तुलसी निकेतन क्षेत्र से अवैध पिस्टल के साथ पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पकड़ने के दौरान वह पुलिसकर्मियों से भिड गया था। इसमें पुलिस की वर्दी भी फट गई थी। वह पुलिस पर गोली चलाने से भी नहीं चूकता है।
क्या है मामला
मूल रूप से झारखंड निवासी सिकंदर पासवान 30 श्रीनिवास कालोनी लाजपत नगर दिल्ली में परिवार के साथ किराए पर रहते थे। वह अपने जीजा सुजीत पासवान की कैब चलाते थे। 12 सितंबर की सुबह करीब आठ बजे मोहन नगर चौराहे पर कैब में ही हत्या कर दी गई। कैब को सड़क किनारे छोड़कर आरोपी फरार हो गए थे। ऑटो चालक ने साहिबाबाद पुलिस को सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चाबी वाले को बुलाकर कार खोली थी। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई। परिजनों ने अज्ञात लोगों पर हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन