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सांस लेने में परेशानी बन सकती है वेरिकोज वेन

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Fri, 18 Sep 2020 05:18 PM IST
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सांस लेने में परेशानी बन सकती है वेरिकोज वेन
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- शारीरिक श्रम की कमी व घर पर काम करने से हो रही दिक्कत माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। कोरोना महामारी में वैरिकोज वेन यानि नसों में खिंचाव से परेशानी हो रही हैैैै। इसमें नसें खिंचाव के कारण फूल जाती हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 30 से 35 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इन पर ध्यान न दिया जाए या इलाज न हो तो इनके फटने और अल्सर बनने का खतरा भी होता है। ये नसें खून का थक्का जमने का भी कारण बन जाती हैं। ऐसे थक्के कई बार दिल की ओर पहुंचकर स्थिति को गंभीर बना देते हैं। फेफड़े की ओर इन थक्कों के पहुंचने से सांस में दिक्कत हो सकती है।
बीएलके अस्पताल के सीटीवीएस विभाग के प्रमुख एवं चेयरमैन डॉ. अजय कौल का कहना है कि कोरोना के कारण बहुत से लोगों का काम करने का तरीका बदला है। घर से बाहर निकलना कम हो गया है। लोगों के लिए जिम जाना संभव नहीं रह गया है। लाइफस्टाइल में आए इस ठहराव से वैरिकोज वेन जैसी परेशानियां बढ़ने का खतरा जोर पकड़ने लगा है। वैरिकोज वेन की परेशानी महिला या पुरुष दोनों को हो सकती है। इसमें उम्र और प्रोफेशन के हिसाब से भी कोई खास अंतर नहीं दिखा है। ज्यादा देर तक खड़े या बैठे रहने वालों को यह खतरा ज्यादा होता है। इसके अलावा बहुत अंतर्मुखी होकर जीने वालों में, मोटापे के शिकार लोगों में या परिवार में किसी को पहले से यह समस्या होने पर भी खतरा बढ़ जाता है। नसों में खून के बहाव को नियंत्रित करने वाले वॉल्व के सही तरह से काम नहीं करने से खून का दबाव बढ़ जाता है और नसें फूल जाती हैं। आमतौर पर पैर के निचले हिस्से में यह समस्या ज्यादा देखी जाती है। इसमें नसें फूल कर ऊपर उभर जाती हैं। यह समस्या हाथों एवं अन्य हिस्सों में भी उभर सकती है।
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--------- आशुतोष यादव
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