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समाज की भावी संरचना की नींव रखते हैं शिक्षक
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माई सिटी रिपोर्टर
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गाज़ियाबाद। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद ने शिक्षक दिवस व डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के 132वीं जयंती पर ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया। मुख्य अतिथि डॉ रमा शर्मा (प्रधानाचार्या, हंसराज कॉलेज, दिल्ली) ने कहा कि माता पिता गुरु हीं सच्चे पथप्रदर्शक हैं। सचमुच यदि ये कहा जाए कि माता पिता ईश्वर के समतुल्य है तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।गुरु ज्ञान के दीपक की बाती होता है जो खुद जलकर संसार को ज्ञान से आलोकित करता है। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि शिक्षक समाज की भावी संरचना की नींव रखते हैं।शिक्षक के माध्यम से ही शिक्षित व संस्कारी विद्यार्थी परिवार,समाज और देश के लिए कार्य करना सीखता है। आज भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की 132वीं जयंती है। उन्हें बचपन से ही किताबों से बहुत लगाव था।डॉ राधाकृष्णन समूचे विश्व को एक विद्यालय मानते थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षाविद महेन्द्र मनचंदा ने की।प्रान्तीय महामंत्री प्रवीण आर्य ने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा भारत की संस्कृति का एक महत्वपूर्ण अंग है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से यशोवीर आर्य, प्रमोद शास्त्री,अभिमन्यु चावला, के एल राणा,नरेश प्रसाद,यज्ञवीर चौहान,देवेन्द्र गुप्ता,देवेन्द्र भगत, राजेश मेहंदीरत्ता,वीना निश्चल, गीता गर्ग,दर्शना मेहता आदि उपस्थित थे।