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गोशाला की अव्यवस्था देख धरने पर बैठे विधायक, तीन पर एफआईआर

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Mon, 31 Aug 2020 02:29 AM IST
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गोशाला की अव्यवस्था देख धरने पर बैठे विधायक, तीन पर एफआईआर
नागलकरण गांव में समर्थकों संग धरने पर बैठे अनूपशहर विधायक संजय शर्मा। - फोटो : Amar Ujala
बुलंदशहर/औरंगाबाद। क्षेत्र के गांव नगलाकरन की गोशाला में अव्यवस्था देख शुक्रवार रात अनूपशहर विधायक संजय शर्मा धरने पर बैठ गए। करीब १७ घंटे तक विधायक समर्थकों के संग गोशाला में धरने पर बैठे रहे। मामले में पशु चिकित्साधिकारी, ग्राम प्रधान और एडीओ पंचायत पर लापरवाही अैार पशु कू्ररता अधिनियम के तहत  एफआईआर दर्ज कराई गई। जिसके बाद डीएम और एसएसपी के आश्वसन पर विधायक शनिवार सुबह शांत हुए। वहीं, मामले को लेकर लखनऊ तक हलचल मची रही।
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जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम विधायक संजय शर्मा ने डीएम से मिलकर नगलाकरन गोशाला की शिकायत की। इसका पता लगने पर ग्राम प्रधान समर्थक भी डीएम कार्यालय पहुंचे। वहां तनातनी होने के बाद विधायक सीधे गोशाला पहुंचे और बाहर डेरा डाल दिया। वहां विधायक समर्थकों की भारी भीड़ जुट गई। रात ११ बजे इंस्पेक्टर औरंगाबाद सुभाष सिंह, एडीएम प्रशासन रविन्द्र कुमार मौके पर पहुंचे। एडीएम ने विधायक की काफी मान मनोवल की, लेकिन विधायक डीएम से ही वार्ता करने पर अडिग रहे। विधायक पूरी रात समर्थकों के साथ गोशाला के बाहर डटे रहे। सुबह लखावटी ब्लॉक का पूरा अमला आ गया। शनिवार सुबह सात बजे डीएम रविन्द्र कुमार गोशाला पहुंचे और ग्रामीणों से पूछताछ की। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि गोवंशों को हरा चारा नही मिल रहा है। जिस कारण गोवंशों की मौतें हो रही है। इस दौरान डीएम की विधायक से नोकझोंक भी हो गयी। जिसकी वीडियो भी वायरल हो रही है। डीएम ने ग्राम पंचायत सचिव को जमकर फटकर लगाई। बाद में डीएम वापस चले गए। मामले में लखनऊ तक खलबली मचने के बाद फिर दोपहर डीएम रविन्द्र कुमार, एसएसपी संतोष कुमार सिंह, एडीएम रविन्द्र कुमार, एसडीएम सदर सदानंद गुप्ता, सीवीओ डॉ. लक्ष्मीनारायण गोशाला पहुंचे। डीएम ने विधायक को बताया कि मामले में ग्राम प्रधान विकास राघव, पशु चिकित्सक डॉ. चंद्रजीत सिंह, एडीओ पंचायत श्रीपाल सिंह के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनयम के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गयी है। इस पर विधायक ने कहा कि जिम्मेदार सीवीओ पर निलंबन की कार्रवाई होनी चाहिये। जिसके बाद डीएम ने जांच के लिये एक सप्ताह समय मांगा। डीएम द्वारा कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद विधायक धरने से उठे।
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जेसीबी बुलाने की मांग से उखड़ी अफसरों की सांसें नगलाकरन गांव की गोशाला में 37 गोवंश कम मिलने पर विधायक बिफर पड़े। जैसे ही विधायक ने गोशाला में जेसीबी मंगाने की बात कही तो अफसरों की सांसे उखड़ गयी। जिसके बाद अफसर विधायक को मनाने में लग गए। विधायक ने गोशाला में गोवंशों के विषय मे ग्राम प्रधान, पशु चिकित्सक, एडीओ पंचायत से जानकारी मांगी तो तीनों ने ही अलग अलग जानकारी दी। विधायक ने आशंका जताई कि जो गोवंश कम हैं। उनकी मौत हो चुकी है। इस ग्रामीणों ने बताया कि का पिछले १५ दिन के भीतर १३ गोवंशों की मौत हो चुकी है।
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डीएम-एसएसपी ने गोवंशों को खिलाया चारा नगलाकरन की गोशाला में पहुंचे डीएम रविन्द्र कुमार और एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने गोवंशों को मौके पर हरा चारा खिलाया। डीएम ने बताया कि नेपियर घास का आर्डर दे दिया है। नेपियर घास गोवंशों के लिये काफी पौस्टिक होती है। जिले की गोशालाओं में जल्द ही घांस पहुच जाएगी।
छुट्टा गोवंश के हमले में युवक घायल बुलंदशहर/पहासू। पहासू क्षेत्र के गांव दीघी में शनिवार को एक युवक पर हमला कर घायल कर दिया। छुट्टा गोवंश से निजात नहीं मिलने पर लोगों में रोष है। वह फसलों को भी चौपट कर रहे हैं। गांव दीघी निवासी युवक मनोज शनिवार की सुबह खेतों की ओर जा रहा था। रास्ते में अचानक उस पर छुट्टा गोवंश ने हमला कर दिया। जिससे मनोज घायल हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में हाल ही में गोवंश के हमले से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। जनपद के भी अलग-अलग हिस्सों इस तरह के हमले पूर्व में भी हो चुके हैं। चारे आदि की कमी से दम तोड़ रहे गोवंश बुलंदशहर। जनपद में १५४ न्याय पंचायत और १७ निकाय क्षेत्रों में निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल संचालित हैं। अफसरों का दावा है कि यहां पर दस हजार से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। इनके संचालन और गोवंश के चारे आदि के लिए शासन से समय-समय पर राशि भी जारी होती है। बावजूद इसके बार-बार गोशालाओं की पोल खुलने के बाद भी सुधार नहीं दिखाई दे रहे और स्थित आज भी बद से बदहाल है। लोगों का आरोप है कि अधिकतर गोशालाओं में संरक्षित गोवंश सुरक्षित नहीं है। कोट गोशालाओं में जमकर अव्यवस्थाओं का आलम है। विधानसभा की प्रत्येक गोशालाओं का निरीक्षण किया जाएगा। लापरवाही किसी की भी सहन नही की जाएगी। - संजय शर्मा, विधायक अनूपशहर गोशालाओं में गोवंशों के रखरखाव और चारा आदि में लापरवाही बर्दास्त नही की जाएगी। दोषियों के खिलाफ एक सप्ताह के भीतर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - -रविन्द्र कुमार, जिलाधिकारी  
जिले में 154 गोशालाएं है, जिनमे करीब १२ हज़ार गोवंश हैं। मैं हर रोज किसी न किसी गोशाला का निरीक्षण करता हूं। जहां से जो भी शिकायत मिलती है, उसका तत्काल निस्तारण कराया जाजा है। - डॉ. लक्ष्मीनारायण, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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