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सीवर लाइन खुदाई के दौरान मिट्टी में दबा श्रमिक, मौत
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बुलंदशहर। अमृत योजना के तहत नगर में सीवर लाइन के चल रहे कार्य में लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को सीवर लाइन की खुदाई के दौरान कार्य कर रहे श्रमिक साजिद के ऊपर मिट्टी की ढांग गिर गई, जिसमें दबकर उसकी मौत हो गई। श्रमिक के परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार मौत के बाद मौैके पर मौजूद कार्यदायी संस्था के लोगों ने श्रमिक के शव को पोस्टमार्टम के बजाय गांव भिजवा दिया। वहीं, देर शाम श्रमिक का शव पोस्टमार्टम के लिए लाया गया। श्रमिक की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
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जानकारी के अनुसार नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मानसरोवर कालोनी सेंकेंड में वहलीमपुरा रोड पर अमृत योजना के तहत सीवर लाइन की खुदाई का कार्य चल रहा है। शनिवार दोपहर करीब एक बजे कार्य के दौरान गड्ढे में उतरे अगौता थाना क्षेत्र के गांव ढकौली निवासी श्रमिक साजिद (25) पुत्र मेंहदी हसन के ऊपर मिट्टी की ढांग गिर गई। जिससे वह करीब 3.5 मीटर मिट्टी के नीचे दब गया। नाम नहीं छापने की शर्त पर साजिद के साथ कार्य कर रहे एक अन्य श्रमिक ने बताया कि दो लोग ऊपर से पाइप नीचे डाल रहे थे और दो श्रमिक नीचे की ओर थे। जैसे ही ढंांग गिरी एक साथी दूसरी ओर भाग गया। जबकि, साजिद दब गया। घटना के बाद आनन फानन में मौके पर मौजूद अन्य श्रमिकों ने जेसीबी की मदद से मिट्टी आदि हटाकर दबे हुए श्रमिक को बाहर निकाला। उसके बाद मौैके पर पहुंचे कार्यदायी संस्था के अधिकारी की गाड़ी से श्रमिक को एक निजी अस्पताल ले जाया गया था। उसके दम तोडऩे के बाद उनकी गाड़ी से ही साजिद का शव उसके गांव भिजवा दिया गया। बाद में परिजनों और ग्रामीणों नेे घटना की सूचना कोतवाली देहात पुलिस और अगौता पुलिस को दी। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं, ग्राम प्रधान इफ्तिखार अली ने बताया कि मिट्टी की ढांग गिरने से साजिद की मौत हुई है। कर्मचारियों ने उसे जेसीबी से निकाला और गांव भेज दिया। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो और गरीब को मुआवजा मिलना चाहिए। वहीं, नगर कोतवाली प्रभारी योगेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि श्रमिक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। तहरीर मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
तो हादसा छुपाने की हुई कोशिश
ग्रामीणों का आरोप है कि शनिवार दोपहर में हादसा होने के बाद मामला सामने न आ सके इसके चलते कार्यदायी संस्था के लोगों ने श्रमिक के शव को अस्पताल भेजने के बजाय घर भेज दिया। एक ओर कार्यदायी संस्था के अफसरों का कहना है कि श्रमिक को घायल होने पर उपचार के लिए भेजा गया और रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। ऐसे में यह सवाल यह उठता है कि श्रमिक के शव को पुलिस के हवाले या अस्पताल भेजने के स्थान पर घर क्यों भेज दिया गया। वहीं, हादसे वाली जगह को भी कार्यदायी संस्था ने समतल बना दिया है। जबकि, अन्य स्थानों पर गड्ढे खोदे जाने के बाद एक दो दिन बाद ही सही तरीके से भराव किया जाता है।
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लापरवाह सिस्टम की भेंट चढ़ा दूसरा श्रमिक
गौरतलब है कि साजिद की मौत से पूर्व फरवरी माह में भी मध्य प्रदेश के जनपद झाबुआ के थाना काकनवानी क्षेत्र के गांव प्लासदौर निवासी कमलेश पुत्र राम सिंह की मौत हो गई थी। उस समय भी अफसरों ने कार्रवाई के स्थान पर सिर्फ खानापूर्ति की थी। सीवर लाइन बिछाने के कार्य में एक बार फिर से लापरवाही सामने आई है। लापरवाह विभाग और कार्यदायी संस्था के चलते मजदूर की जान चली गई। आरोप है कि कार्य के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किया जा रहे है।
कोट
गड्ढे में उतरने के दौरान मजदूर का पैर फिसल गया था। जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया। बाकी घटना की जांच कराई जाएगी। - एसके शर्मा, अधिशासी अभियंता, जल निगम
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