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फर्जीवाड़ा कर निकाला लोन, बैंक प्रबंधकों समेत 7 पर केस

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 26 Mar 2020 04:08 PM IST
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farjivada kar nikala loan, bank prabandhko sahit 7 par case
- फोटो : AMAR UJALA
माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। फर्जीवाड़ा कर बैंक से डेढ़ करोड़ का लोन निकालने के मामले में सिहानी गेट थाना पुलिस ने पीएनबी के दो प्रबंधकों समेत सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व गबन का मुकदमा दर्ज किया है। इस मामले में रिटायर्ड डीएसपी लल्लू सिंह मौर्या ने एसएसपी को शिकायत दी थी। मामले की गंभीरता देखते हुए एसएसपी ने पुलिस को कार्यवाही के आदेश दिए।........ जे-57 गोविंदपुरम निवासी रिटायर्ड डीएसपी लल्लू सिंह मौर्य का कहना है कि जीडीए द्वारा विकसित कालोनी सेकंड-सी नेहरू नगर में मकान नंबर- 36ए चरणजीत लाल बग्गा उर्फ चिरंजीव लाल उर्फ चरणजीत लाल के नाम आवंटित था। 8 जून 2007 को चरणजीत लाल बग्गा की मृत्यु हो गयी। वर्तमान में इस मकान में उनके दो बेटे अपने परिवार सहित रह रहे हैं। आरोप है कि पीएनबी की आरएबी शाखा के तत्कालीन प्रबंधक प्रेमचंद, पीएनबी की लोहा मंडी शाखा के तत्कालीन प्रबंधक दुर्गा प्रसाद और कविनगर निवासी लक्ष्य तंवर ने फर्जीवाड़ा कर सरकारी धन के गबन की योजना बनाई। योजनाबद्ध तरीके से लक्ष्य तंवर की मुंहबोली मां अलका रानी निवासी तुराबनगर के नाम लोन के पेपर तैयार कर पीएनबी की आरएबी शाखा के प्रबंधक प्रेमचंद के यहां दाखिल किए गए। एक शाखा में फर्जी खाता खोला, दूसरी शाखा से कराया लोन.... रिटायर्ड डीएसपी का कहना है कि 12 दिसंबर 2014 को पीएनबी की लोहामंडी शाखा में किसी फर्जी आदमी को चरणजीत लाल बग्गा बनाकर खाता खोला गया। खाता खोलते समय चरणजीत लाल बग्गा की शिनाख्त लक्ष्य कुमार तंवर ने की। आरएबी शाखा के तत्कालीन प्रबंधक प्रेमचंद ने अलका रानी के नाम से डेढ़ करोड़ का लोन स्वीकृत किया। कर्ज की धनराशि 22 दिसंबर 2014 को डीडी द्वारा जारी की गयी और उसी दिन चरणजीत लाल बग्गा के नाम से खोले गये फर्जी खाते में जमा की गई। इतना ही नहीं 22 दिसंबर 2014 को ही उक्त धनराशि चेक के माध्यम से कंवर सिंह तंवर के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। मृतक के स्थान पर खड़ा किया जूते विक्रेता का नौकर.... आरोप है कि चरणजीत लाल बग्गा के स्थान पर त्रिलोकीनाथ नाम के व्यक्ति को खड़ा किया। जो कि दुधेश्वरनाथ मंदिर पर जूतों की दुकान पर काम करता था। सेकंड-सी नेहरूनगर के मकान नं-36ए की रजिस्ट्री अलका रानी के नाम 2 करोड़ रुपये में कई गयी। जिसमें 50 लाख रूपए नकद देना तथा 14 लाख रूपये के स्टाम्प लगाना दर्शाया गया। यह रजिस्ट्री दिनांक 24 दिसंबर 2014 को हुई, जिसमें चरणजीत लाल बग्गा का पुत्र नरेश कुमार बग्गा साक्षी है। रिटायर्ड डीएसपी का आरोप है तत्कालीन बैंक प्रबंधकों, लक्ष्य तंवर आदि के द्वारा बन्दरबाट करके आपस में बांट ली गयी। लक्ष्य तंवर को शहर के बड़े मंदिर के महंत का संरक्षण प्राप्त : मौर्य...... लल्लू सिंह मौर्या का कहना है कि लक्ष्य तंवर बड़ा कर्ज माफिया है और उसके खिलाफ विभिन्न थानों में कई धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। लक्ष्य तंवर एक बड़े मंदिर के एक महंत का शिष्य बताया जाता है। जिसके चलते महंत का उसे पूरा संरक्षण प्राप्त है। रिटायर्ड डीएसपी का कहना है कि वह देश के नागरिक हैं और टैक्स अदा करते हैं। लिहाजा उन्होंने वादी बनकर इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई है। वर्जन ..... तत्कालीन बैंक प्रबंधकों प्रेमचंद और दुर्गा प्रसाद, लक्ष्य तंवर, उसकी मुंह बोली मां अलका रानी, नरेश कुमार बग्गा, त्रिलोकीनाथ के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। - गजेंद्र पाल सिंह, एसएचओ सिहानी गेट
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