किसानों ने फिर ठुकराया कानून में संशोधन का प्रस्ताव, सरकार को दी चेतावनी- आग से न खेलें
कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों का आंदोलन आज 28वें दिन में प्रवेश कर चुका है। केंद्र सरकार की ओर से किसानों को बातचीत के लिए आमंत्रण पर किसान यूनियनों की तरफ से अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। किसान नेता दर्शन पाल के ई-मेल के जवाब में किसान यूनियनों से चर्चा के बाद बातचीत के लिए अपनी सुविधा के अनुसार तारीख चुनने का विकल्प मांगा है। वहीं आज किसान दिवस पर किसानों ने अपना आंदोलन और तेज करने की बात कही। इसके लिए आज किसान एक समय का खाना नहीं खाएंगे। इसके साथ ही आने वाले दिनों में हरियाणा के टोल प्लाजा को फ्री किया जाएगा। प्रधानमंत्री के मन की बात के समय पर किसानों ने लोगों से ताली और थाली बजाने की भी अपील की है। वहीं आज भी दिल्ली के कई रास्ते बंद रहेंगे। यहां पढ़ें दिनभर के सभी अपडेट्स...
लाइव अपडेट
सरकार जितना हठ दिखाएगी किसान संगठनों को उतना ही बल मिलेगाः
सरकार जितना हठ दिखाएगी किसान संगठनों को उतना ही बल मिलेगा। कुछ लोग किसानों की एकता को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं। नींबू का चौथा हिस्सा 10 क्विंटल दूध को फाड़ देता है। हमारे कई भाई नींबू का काम कर रहे हैं, ऐसा काम न करें: नरेश टिकैत, भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष pic.twitter.com/AigDh00gcq
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 23, 2020
किसान आंदोलन के कारण टिकरी बॉर्डर स्थित पेट्रोल पंपों को हो रहा नुकसान
किसानों के विरोध के कारण टिकरी बॉर्डर पर स्थित पेट्रोल पंपोंं की बिक्री कम हुई है, जिसके कारण पेट्रोल पंपों को नुकसान हुआ है। भारत पेट्रोलियम के पेट्रोल पंप के मैनेजर ने बताया कि हमें रोजाना लगभग 60,000 रुपये का नुकसान हो रहा है।
Petrol pumps located at Tikri border face losses as a result of reduced sales due to ongoing farmers' protest
— ANI (@ANI) December 23, 2020
"We are facing a loss of approx Rs 60,000 daily," says manager, Bharat Petroleum petrol pump at Tikri border pic.twitter.com/clMhBsSz0Y
सरकार किसानों का मनोबल तोड़ना चाहती है: युद्धवीर सिंह
भारतीय किसान यूनियन के नेता युद्धवीर सिंह ने कहा कि जिस तरह से केंद्र सरकार बातचीत की इस प्रक्रिया को अंजाम दे रही है उससे यह स्पष्ट है कि सरकार इस मुद्दे में देरी कर के विरोध करने वाले किसानों का मनोबल तोड़ना चाहती है। सरकार हमारे मुद्दों को हल्के में ले रही है, मैं उन्हें इस मामले का संज्ञान लेने और जल्द ही समाधान निकालने की चेतावनी दे रहा हूं।The way Centre is carrying this process of talks, it's clear that govt wants to delay this issue & break morale of protesting farmers'. Govt is taking our issues lightly, I'm warning them to take cognizance of this matter & find a solution soon:Yudhvir Singh, Bhartiya Kisan Union https://t.co/JkkfhdMArC pic.twitter.com/AgD9uIIGid
— ANI (@ANI) December 23, 2020
हम केंद्र से चर्चा करने को तैयार हैं: योगेंद्र यादव
हम केंद्र को आश्वस्त करना चाहते हैं कि विरोध करने वाले किसान और यूनियन सरकार के साथ चर्चा के लिए तैयार हैं। हम इंतजार कर रहे हैं कि सरकार खुले मन और नेक इरादे के साथ चर्चा को आगे ले जाए।सार्थक संवाद के लिए माहौल बनाए सरकार: शिव कुमार
राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के नेता शिव कुमार काका ने कहा कि हम सरकार से आग्रह करते हैं कि एक ऐसा माहौल बनाया जाए जिसमें सार्थक संवाद हो सके। उच्चतम न्यायालय ने भी कृषि कानूनों के क्रियान्वयन को स्थगित करने को कहा है। ऐसे में बातचीत के लिए सही माहौल बन सकता है।'सरकार उनसे बातें कर रही है जो हमारे आंदोलन से जुड़े ही नहीं हैं'
योगेंद्र यादव ने कहा कि सरकार लगातार तथाकथित किसान नेताओं और संगठनों के साथ बातचीत कर रही है, जो हमारे आंदोलन से बिल्कुल नहीं जुड़े हुए हैं। यह हमारे आंदोलन को तोड़ने का प्रयास है। सरकार जिस तरह अपने विपक्षी दलों से निपटती से उसी तरह किसानों का विरोध कर रही है।लिखित में एक ठोस प्रस्ताव लेकर आए सरकार: योगेंद्र यादव
सिंघु बॉर्डर पहुंचे योगेंद्र यादव ने कहा कि हम सरकार से आग्रह करते हैं कि उन निरर्थक संशोधनों को बार बार न दोहराएं, जिन्हें हमने पहले ही अस्वीकार कर दिया है। इसके बजाय लिखित में एक ठोस प्रस्ताव लेकर आएं ताकि इसे एजेंडा बनाया जा सके और बातचीत की प्रक्रिया यथाशीघ्र शुरू की जा सके।We urge the govt not to repeat those meaningless amendments which we have rejected but come up with a concrete proposal in writing so that it can be made an agenda, and the process of negotiation can be started as soon as possible: Yogendra Yadav at Singhu border https://t.co/oAWu3hO97f
— ANI (@ANI) December 23, 2020
'किसान संघ को बदनाम करने का प्रयास कर रही सरकार'
United Farmers Front today has written a letter to govt. It states that govt shouldn't question the letter written by United Farmers' Front previously as it was a unanimous decision. Govt's new letter is a fresh attempt to defame farmers' association: Yogendra Yadav, Swaraj India pic.twitter.com/69MCSyQVw5
— ANI (@ANI) December 23, 2020