Farmers Protest Live Updates: केंद्र हमारी 15 में से 12 मांगों पर सहमत, मतलब तीनों कृषि कानून सही नहीं: राकेश टिकैत
दिल्ली की सीमाओं पर बैठे किसानों का आंदोलन 15वें दिन भी जारी है। बुधवार को केंद्र सरकार ने जो 19 पन्नों के प्रस्ताव भेजे थे उन सभी प्रस्तावों को किसानों ने खारिज कर दिया है। कई दौर की केंद्र सरकार के साथ चली वार्ताओं के बेनतीजा रहने के बाद किसानों ने अपने आंदोलन को तेज करने का एलान भी बुधवार को किया। किसान संगठन आज केंद्र सरकार के साथ होने वाली वार्ता का बहिष्कार करेंगे। किसान तीनों कानूनों को रद्द करने से पहले अपना आंदोलन वापस लेने को तैयार नहीं हैं। वहीं कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार का पक्ष सामने रखा और किसानों से आंदोलन खत्म करने की अपील की। पढ़ें आज दिनभर के अपडेट्स...
लाइव अपडेट
If Centre was agreeing to 12 of our demands out of 15, that means the bills are not right, then why not destroy them. We had demanded one law on MSP but they brought 3 bills through the ordinance...Our protests will continue peacefully: Rakesh Tikait, Spox, Bharatiya Kisan Union pic.twitter.com/cKB5QoGLxQ
— ANI (@ANI) December 10, 2020
कानून धक्के के साथ वहीं लागू किए जाते हैं जिन देशों में डिक्टेटरशिप का राज होता हैः सुखबीर सिंह बादल
कानून धक्के के साथ वहीं लागू किए जाते हैं जिन देशों में डिक्टेटरशिप का राज होता है। बड़ा अफसोस है कि केंद्र सरकार ने अब डिक्टेटरशिप का रास्ता अपनाना शुरू कर दिया है: SAD नेता सुखबीर सिंह बादल https://t.co/9WlDk4sYvO
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 10, 2020
हम केंद्र सरकार द्वारा काले कानून वापिस न लेने के फैसले की कड़ी निंदा करते हैंः सुखबीर सिंह बादल
हम केंद्र सरकार द्वारा काले कानून वापिस न लेने के फैसले की कड़ी निंदा करते हैं। आज केंद्र सरकार की प्रेस कॉन्फ्रेंस से एक बात स्पष्ट हो गई कि केंद्र सरकार ने देश के अन्नदाता के खिलाफ लड़ाई लड़ने का फैसला किया है: SAD प्रमुख सुखबीर सिंह बादल pic.twitter.com/kDvTiLCzE2
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 10, 2020
हमारी चुनी हुई सरकार को एकजुट होकर किसानों के पक्ष में फैसला लेना चाहिए: किसान नेता बूटा सिंह
भाजपा नेताओं और हमारे मंत्रियों को कहना चाहूंगा कि एकजुट हो जाइए। प्रधानमंत्री कुछ और, गृहमंत्री कुछ और व कृषि मंत्री कुछ और बोल रहे हैं। विनती है कि हम एकजुट हैं और हमारी चुनी हुई सरकार को भी एकजुट होकर किसानों के पक्ष में फैसला लेना चाहिए: किसान नेता बूटा सिंह https://t.co/MPKfvKauYt
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 10, 2020
पीएम ने हमारी बातों को नहीं सुना और कानूनों को रद्द नहीं किया तो सारे धरने रेलवे ट्रैक पर आ जाएंगेः किसान नेता
किसान नेता बूटा सिंह ने कहा कि हमने 10 तारीख का अल्टीमेटम दिया हुआ था कि अगर पीएम मोदी ने हमारी बातों को नहीं सुना और कानूनों को रद्द नहीं किया तो सारे धरने रेलवे ट्रैक पर आ जाएंगे। आज की बैठक में ये फैसला हुआ कि अब रेलवे ट्रैक पर पूरे भारत के लोग जाएंगे। संयुक्त किसान मंच इसकी तारीख की जल्द घोषणा करेगा।
हमने 10 तारीख का अल्टीमेटम दिया हुआ था कि अगर PM ने हमारी बातों को नहीं सुना और कानूनों को रद्द नहीं किया तो सारे धरने रेलवे ट्रैक पर आ जाएंगे। आज की बैठक में ये फैसला हुआ कि अब रेलवे ट्रैक पर पूरे भारत के लोग जाएंगे। संयुक्त किसान मंच इसकी तारीख की जल्द घोषणा करेगा: किसान नेता https://t.co/eS5CAjBDY4
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 10, 2020
14 तारीख को पंजाब के सभी DC ऑफिसों के बाहर धरने दिए जाएंगेः किसान नेता
किसान नेता बूटा सिंह ने कहा कि पंजाब में टोल प्लाजा, मॉल, रिलायंस के पंप, भाजपा नेताओं के दफ्तर और घरों के आगे धरना अभी भी जारी है। इसके अलावा 14 तारीख को पंजाब के सभी DC ऑफिसों के बाहर धरने दिए जाएंगे।
पंजाब में टोल प्लाजा, मॉल, रिलायंस के पंप, भाजपा नेताओं के दफ्तर और घरों के आगे धरना अभी भी जारी है। इसके अलावा 14 तारीख को पंजाब के सभी DC ऑफिसों के बाहर धरने दिए जाएंगे: सिंघु बॉर्डर से किसान नेता बूटा सिंह pic.twitter.com/JuhOSVu1hN
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 10, 2020
जरूरत पड़ी तो बदलेंगे आंदोलन का तरीका लेकिन कानून वापस करा कर रहेंगेः किसान
यूपी गेट पर खाना वितरण करने वालों से पुलिस ने की पूछताछ तो गुस्साए किसान
कैंसर पीड़ित 80 वर्षीय बुजुर्ग रोज आते हैं गाजीपुर बॉर्डर
कैंसर से जूझने के बाद भी 80 साल के बुजुर्ग की हिम्मत में कोई कमी नहीं आई है। रोजाना गाजीपुर बॉर्डर पर सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक समय देते हैं। बुजुर्ग का कहना है कि सरकार किसानों के साथ नाइंसाफी कर रही है। सरकार को अपने कानून वापस ले लेने चाहिए।