CBSE: 60 फीसदी आंखों की रोशनी खोने के बाद भी हौसला नहीं हारी लावन्या, टॉप की दिल्ली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन से चार घंटे की पढ़ाई और आत्मविश्वास ही मेरी सफलता की कहानी है। तीन साल तक मैं भी सामान्य छात्रों की तरह जिंदगी जी रही थी, लेकिन अचानक 60 फीसदी आंखों की रोशनी कम होने के बाद मैंने हौंसला नहीं हारा और सफलता को अपनी पहचान बनाने का सपना देखा। यह कहना है दिल्ली की टॉपर और विशेष वर्ग में देश की तीसरी टॉपर लावन्या झा का, जिन्होंने ह्यूमैनिटीज से 12वीं कक्षा में 487 अंक हासिल किए है।
अमर उजाला से विशेष बातचीत में डीपीएस आरके पुरम की छात्रा लावन्या झा ने कहा कि अब मैं दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से बीए साइकोलॉजी ऑनर्स करना चाहती हूं, ताकि बाद में आम लोगों की दिक्कतों को दूर कर सकूं। अन्य छात्रों को यही संदेश देती हूं कि जब हम मानसिक रूप से मजबूत होते हैं तो शारीरिक दिक्कत कोई मायने नहीं रखती है।
लावन्या के मुताबिक, जब मैं 9वीं कक्षा में थी तो मेरी आंख की रोशनी कम होने से दिक्कत हुई, लेकिन उसे कमजोरी की बजाय ताकत बनाया। क्योंकि आंखों की रोशनी 40 फीसदी रह गयी थी। इसी बीच आरईसीएसई बोर्ड से मुझे दसवीं कक्षा में 91.04 फीसदी अंक मिले थे। जबकि 11वीं में महज 87 फीसदी अंक ही हासिल कर पायी।
लावन्या के मुताबिक, एनसीईआरटी किताबों से ही पढ़ायी की, क्योंकि यहां मेरे जैसे छात्रों के लिए किताब उपलब्ध है। बड़े अक्षरों वाली किताबों के साथ शिक्षकों ने मुझे अतिरिक्त समय दिया, ताकि मैं अच्छे से समझ सकूं। परीक्षा के दौरान भी मुझे अतिरिक्त समय मिला था। हालांकि इन दिक्कतों के बाद मैंने हिम्मत नहीं हारी और बस आगे बढने का सपना देखा।
लावन्या के मुताबिक, सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के दौरान आए दिन पेपर लीक की खबरें मुझे समेत अन्य छात्रों को बेहद परेशान करने वाली थीं, क्योंकि उस वक्त डर लग रहा था कि कहीं अगला पेपर लीक न हो जाए? मेरी फ्रेंड का इॅकोनोमिक्स का पेपर रद्द हुआ तो वह बेहद परेशान थी, क्योंकि मेहनत खराब हो रही थी। हालांकि हम उम्मीद करते हैं कि भविष्य में पेपर लीक की घटना दोबारा न घटे।
लावन्या के विषय के आधार पर अंक
विषय अंक
इंग्लिश कोर 97
साइकोलॉजी 98
सोशियोलॉजी 97
पॉलिटिक्ल साइंस 98
इंफोरमेशन टेक्नोलॉजी 97