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बचपन में पढ़ने को नहीं मिली किताब तो किया ऐसा काम कि गिनीज बुक में दर्ज हो गया नाम

Tue, 20 Sep 2016 10:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 20 Sep 2016 10:10 AM IST
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DU student highest tower made from plastic cup, Guinness World record name
कुशाग्र तायल - फोटो : अमर उजाला

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड पढ़ने के लिए नहीं मिलने पर डीयू के छात्र कुशाग्र तायल ने स्कूल में इस बुक में अपना नाम शामिल करने की जो ठानी वह बीते 17 सितंबर को पूरा कर डाला। 

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कुशाग्र ने 56,980 प्लास्टिक कप से 22 फुट ऊंची मीनार बनाकर अपना नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया। इससे पहले यह रिकार्ड मैक्सिको के नाम था। 
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कुशाग्र ने बताया कि वह डीयू के हंसराज कॉलेज में इकॉनोमिक्स ऑनर्स के सेकेंड ईयर का स्टूडेंट है। उन्होंने दोस्तों के साथ बीते 14 सितंबर को त्यागराज स्टेडियम में मीनार की शुरुआत की और कुल 56,980 कप के साथ नया रिकॉर्ड बनाया।
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इससे पहले मैक्सिको ने इसे 42,925 कप से मीनार बनाकर रिकॉर्ड बनाया था। अपनी खुशी जाहिर करते हुए कुशाग्र ने कहा कि जब पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा तो वह हमारे लिए बेहतरीन पल था। 

दो रात और तीन दिन का लगा समय

DU student highest tower made from plastic cup, Guinness World record name
मिनार - फोटो : अमर उजाला

उन्होंने कहा कि पिछले चार महीने से इसकी योजना बना रहे थे। पूरी योजना तय करने के बाद हमने 14 सितंबर से इस पर काम शुरू किया। दो रात और तीन दिन में इसे पूरा कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक में अपना नाम शामिल कराने का सपना पूरा कर लिया। 

कुशाग्र को यह करने का ख्याल कैसे आया तो उन्होंने बताया कि वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक में नाम शामिल कराने का उनका सपना स्कूल में आया। उन्होंने बताया कि वह स्कूल टाइम में कई बार लाइब्रेरी में वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक की किताब पढ़ने के लिए लेने गए। 

मगर लाइब्रेरी में एक ही किताब हो तो पढ़ने के लिए नहीं मिलती। उसी समय मैंने तय किया था कुछ ऐसा करूंगा जिससे मेरा नाम ही उस बुक में शामिल हो जाए। वह अब जाकर पूरा हुआ। कुशाग्र ने कहा कि वह बेहद खुश है कि इस सपने को पूरा कर पाए। 

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