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कोरोना त्रासदी में रोजगार सृजन कर रहा 23 साल का एक युवा, अब तक 478 लोगों को दिया रोजगार
Tue, 14 Jul 2020 09:58 AM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Tue, 14 Jul 2020 09:58 AM IST
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यारू जुनेजा
- फोटो : अमर उजाला
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कोरोना के दौर में पूरी दुनिया उथल-पुथल का शिकार है। वैश्विक मंदी और बेरोजगारी का दौर शुरू हो गया है। इस बीच बाड़मेर,राजस्थान के एक छोटे से गांव भाडखा से आने वाले यारू जुनेजा नामक एक युवक ने अपनी कंपनी 'डिजिटल इनोवेशन' के माध्यम से 478 लोगों को मात्र लॉकडाउन और उसके बाद की अवधि में रोजगार दिया है।
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डिजिटल मीडिया में है बड़ा नाम
यारू जुनेजा डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में देश भर में एक जाने माने नाम हैं। वह बड़े राजनेताओं, राजनीतिक दलों,अधिकारियों,सोशल एक्टिविस्ट, भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाडियों से ले कर बिजनेसमैन और बॉलीवुड के सितारों तक के लिए सोशल मीडिया पर रणनीति तैयार कर उनके डिजिटल प्रजेंस बढ़ाने में मदद करते हैं। उन्होंने अपनी कंपनी में अलग-अलग क्षेत्र के जानकारों को फ्रीलांसर के तौर पर काम पर रखा हुआ है।
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कोरोना काल में बढ़ गया है काम
यारू की कंपनी में बतौर मैनेजर कार्यरत सुधीर राजपुरोहित बतातें हैं कि कोरोना के पदार्पण के बाद उनके पास नए और पुराने क्लाइंट्स खास कर राजनीतिक दलों और बिजनेस करने वालों ने पूरा ध्यान ऑनलाइन माध्यमों पर लगा दिया है। उनके अनुसार कंपनी के संस्थापक यारू जुनेजा ने फैसला लिया कि कंपनी अपनी कार्य क्षमता बढ़ाएगी।
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478 लोगों को मिला रोजगार
'डिजिटल इनोवेशन' ने सोशल मीडिया रेपुटेशन मैनेजमेंट, ग्राफिक डिजाइन, एनिमेशन, वीडियो एडिटिंग, सोशल मीडिया संचालन, ऑनलाइन विज्ञापन, गीत-कविता लेखन, वेबसाइट डिजाइनिंग,अनुवाद आदि कामों के लिए 478 लोगों को फ्रीलांसर के तौर पर काम देना शुरू किया है। यारू से उनके इस मुहीम के बारे में पूछे जाने पर वो कहते हैं, 'हमने तो शुरआत अपनी जरूरतों के लिए ही की थी लेकिन बाद में आभास हुआ कि इस त्रासदी में हम ढेर सारे परिवारों की आर्थिक तंगी दूर कर पा रहे हैं। फिलहाल आत्मसंतोष की अनुभूति से ओतप्रोत और निरंतर अपने कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए संकल्पित हूं।'