इनकी एक दिन की खुराक थी 20 किलो दूध, आधा किलो बादाम

ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Sat, 28 Oct 2017 10:06 AM IST
this man consumed twenty leters milk and half kilo almonds in a day
रामाश्रय यादव - फोटो : अमर उजाला
वजन 130 किलो। खुराक एक दिन में 20 किलो दूध, आधा किलो बादाम, फल व थोड़ा बहुत भोजन। पुरस्कार इतने कि राष्ट्रपति से लेकर सीएम तक ने उनकी पहलवानी की तारीफ की। उनका नाम है एशिया के चैंपियन रहे और खेल मंत्रालय से जुड़े भारतीय कुश्ती महासंघ भारतीय पद्धति के अध्यक्ष रामाश्रय यादव। शुक्रवार को वह यूपी केसरी महिला-पुरुष कुश्ती प्रतियोगिता में बतौर अतिथि गढ़ी गांव पहुंचे। इस दौरान अमर उजाला संवाददाता एसएस अवस्थी ने उनसे खास बात की। पेश हैं प्रमुख अंश...
सवाल: कुश्ती में कितना बदलाव देख रहे हैं?
अब होने वाली कुश्तियों में तकनीक का प्रयोग होने लगा है। कॉमनवेल्थ गेम्स, ओलंपिक गेम्स समेत तमाम खेलों में दांवपेच तकनीक से लगाए जाते हैं। पहलवान का भार, समय तय हो चुका है। अब प्रदेश से लेकर केंद्र सरकार पहलवानों को सरकारी नौकरियां भी देनी लगीं हैं।

सवाल:  खाने पीने में क्या बदलाव आया है?
1987 में एशिया का चैंपियन बना था। तब मेरा वजन 130 किलो था। दिनभर में 20 किलो भैंस का दूध, आधा किलो बादाम के साथ-साथ फल खाता था। दो-तीन रोटी से ज्यादा नहीं खायी। पूरे दिन अखाड़े में बीतता था। अब पहलवान सप्लीमेंट फूड का प्रयोग करने लगे हैं, जो सेहत के लिए हानिकारक हैं।

सवाल: क्या पहलवानी का क्रेज बढ़ा है?
निश्चित तौर से प्रदेश से लेकर केंद्र सरकार खेलों पर ध्यान दे रही है। आमिर की फिल्म दंगल, सलमान खान की फिल्म सुल्तान ने तो कुश्तियों में क्रेज बढ़ा दिया है। दंगल ने लड़कियों को इतना प्रभावित किया है अब कुश्तियों में लड़कियां भी दांव अजमा रहीं हैं और नाम भी कमा रहीं। उत्तर प्रदेश का पूर्वांचल, हरियाणा, मेरठ क्षेत्र, पंजाब, दिल्ली आदि से अच्छे पहलवान तैयार हो रहे हैं।

सवाल: आपने कहां-कहां कुश्ती लड़ी और कितने पुरस्कार मिले?
1983 से लेकर 1991 तक कुश्तियां लड़ीं। मूलरूप से देवरिया के गांव मेहरापुरवां का निवासी हूं। आस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, थाइलैंड, सियोल, एथेंस समेत कई देशों में कुश्तियां लड़ीं। राष्ट्रपति से राष्ट्रीय गौरव, यश भारती सम्मान, रेल रत्न, उत्तर प्रदेश रत्न, भारत यादव रत्न व लक्ष्मण पुरस्कार समेत कई इनाम मिल चुके हैं।

सवाल: पहलवान कितने वर्ष तक कुश्ती लड़ सकता है?
जब पहलवान की उम्र 20 साल होती है तो उसकी कुश्ती शुरू होती है और करीब 35 साल तक वह अखाड़े में जौहर दिखा सकता है। करीब 15 साल की कुश्ती लड़ने की उम्र होती है।

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