इस बच्ची ने मगरमच्छ से लड़कर बचाई थी बहन की जान, उम्र जानेंगे तो हो जाएंगे हैरान
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राष्ट्रीय वीरता पुरस्कारों के लिए अदम्य साहस का परिचय देकर दूसरों की जान बचाने वाले बहादुर बच्चों के नामों की घोषणा बृहस्पतिवार को कर दी गई।
भारतीय बाल कल्याण परिषद ने ऐसे 18 बहादुर बच्चों को इसके लिए चुना है, जिन्हें आगामी 24 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक कार्यक्रम में सम्मानित करेंगे। वीरता पुरस्कार पाने वालों में 7 लड़कियां और 11 लड़के शामिल हैं।
इसमें तीन बच्चों को मरणोपरांत यह पुरस्कार दिया जाएगा। राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार पाने वालों में सबसे छोटी उड़ीसा की छह साल आठ महीने की ममता दलाई ने अपनी बहन को बचाने के लिए मगरमच्छ से भी नहीं डरी। उसे भगाकर बहन की जान बचाई।
51 साल से प्रत्येक गणतंत्र दिवस से पहले दिया जाने वाला यह वीरता पुरस्कार 6 से 18 साल की उम्र के बच्चों को दिया जाता है। वीरता पुरस्कार पाने वाले बच्चों ने अपने साहस, सूझ-बूझ, संयम और साहस से सिर्फ दूसरों की जान नहीं बचाई उनके लिए उदाहरण भी पेश कर दिया।
भारतीय बाल कल्याण परिषद की अध्यक्ष गीता सिद्धार्थ ने बताया कि 18 बच्चों को वीरता पुरस्कार मिला है। चार अलग-अलग कैटिगरी में भी बच्चों को पुरस्कार मिले है। इसमें भारत अवार्ड के लिए आगरा की नाजिया को चुना गया है।
नाजिया ने जुआ घरों और सट्टे के खिलाफ काम किया था। इसी तरह गीता चोपड़ा अवार्ड 14 साल की स्वर्गीय कुमार नेत्रावती एम.चव्हान को मिला है। जिन्होंने अपने जीवन की परवाह किए बगैर दो लोगों को डूबने से बचाया। मगर खुद को नहीं बचा सकी।
संजय चोपड़ा अवार्ड साढ़े 17 साल के अमृतसर के करनबीर को मिला है। जिन्होंने नहर में गिरी स्कूल बस के डूबने के बाद अपनी जान बचाने के बजाए 15 लोगों को बचाया।
इसके अलावा बापु गैधानी अवार्ड तीन लोगों को छत्तीसगढ़ की लक्ष्मी यादव, साढ़े छह साल की ममता दलाई उड़ीसा और साढ़े तेरह साल के मास्टर सेबेस्टियन विसेंट केरल को दिया गया है।
गीता सिद्धार्थ ने 51 सालों में 680 लड़कों और 283 लड़कियों को यह पुरस्कार दिया जा चुका है। सभी पुरस्कारों के साथ पढ़ाई करने के लिए केंद्र व राज्य सरकारों की ओर से आर्थिक मदद भी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि बच्चे 24 को प्रधानमंत्री से पुरस्कार लेने के साथ 26 जनवरी को राजपथ पर परेड में भी शामिल होंगे।
पुरस्कार पाने वाले बच्चों के नाम राज्य
नेत्रावती एम. चव्हान : कर्नाटक
करनबीर सिंह : पंजाब
बेट्श्वाजॉन पेनलांग : मेघालय
ममता दलाई : ओडिशा
लक्ष्मी यादव : छत्तीसगढ़
सेबासटियन : केरल
मनशा एन. : नागालैंड
एन. शेंगपॉन : नागालैंड
योकनेई : नागालैंड
चिंगई वांग्सा : नागालैंड
समृद्धि सुशील शर्मा : गुप्ता
जोनुनतुआंगा : मिजोरम
पंकज सेमवाल : उत्तराखंड
नदाफ इजाज अब्दुल रॉफ : महाराष्ट्र
लोकराकपाम राजेश्वरी चनु : मणिपुर
एफ. ललछंदामा : मिजोरम
पंकज कुमार महंत : ओडिशा