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दो बच्चों की मां ने जीता मिसेज इंडिया यूनिवर्स का खिताब

Sun, 05 Nov 2017 10:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम Updated Sun, 05 Nov 2017 10:21 AM IST
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mother of two won mrs india universe award
गुरुग्राम की 41 वर्षीय नीतू खोसला बनी मिसेज इंडिया यूनिवर्स - फोटो : सुदर्शन झा

कहते हैं प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती है। सेक्टर-31 की रहने वाली नीतू खोसला ने मिसेज इंडिया यूनिवर्स का खिताब जीत कर यह साबित कर दिया है। उदयपुर में 21-28 अक्तूबर तक आयोजित मिसेज इंडिया की प्रतियोगिता में नीतू ने मिसेज इंडिया यूनिवर्स के साथ मिसेज इंडिया यूनिवर्स ग्लैमरस और विजेता ट्रॉफी अपने नाम की। इस जीत पर उसके परिवार और रिश्तेदारों में खुशी का माहौल है।

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41 वर्षीय सेक्टर-31 की रहने वाली नीतू का कहना है कि इससे पहले उन्होंने किसी प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया था। पहली बार इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और दो क्राउन और एक ट्रॉफी जीतने में कामयाब रहीं।
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बॉलीवुड प्रोड्यूसर राकेश सबरवाल ने ताज पहनाकर उन्हें सम्मानित किया। दो बच्चों की मां नीतू कहती हैं कि इसके लिए दिल्ली में करीब तीन माह पहले ऑडिशन हुआ था। यहां चयन होने के बाद वह लगातार आगे बढ़ती रहीं।

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नीतू पेशे से कैमिस्ट्री प्रोफेसर हैं

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गुरुग्राम की 41 वर्षीय नीतू खोसला बनी मिसेज इंडिया यूनिवर्स - फोटो : अमर उजाला

अंबाला के सैनिक स्कूल और फिर एसडी कॉलेज से बीएससी करने वाली नीतू पेशे से कैमिस्ट्री प्रोफेसर हैं। उनके पिता भारतीय सेना में कर्नल के पद पर तैनात हैं। नीतू का कहना है कि इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए दोस्तों ने प्रेरित किया और फिर ऑनलाइन इसकी जानकारी लेकर ऑडिशन दिया। टैलेंट राउंड में सबसे अधिक ऑनलाइन व्यू आए। इसके बाद उन्हें हौसला मिला। लगातार तीन माह तक तैयारी की और नतीजा सबके सामने हैं।

​दस वर्षीय दो जुड़वा बच्चों की मां नीतू अपने फिटनेस पर कहती है कि आर्मी बैकग्राउंड होने की वजह से अनुशासन में रहना उन्हें पसंद है और खुद को स्वस्थरखने के लिए हर दिन चार घंटे से अधिक समय जिम में व्यतीत करती है।

नीतू के पिता बलवंत कुमार मर्चेंट नेवी से सेवानिवृत्त है और मां शमां धूपर गृहिणी हैं। दोनों गुरुग्राम में ही रहते हैं। नीतू का कहना है कि बड़ी बहू होने के नाते उन पर बहुत सारी जिम्मेदारियां हैं, इन जिम्मेदारियों से इतर महिला को आगे बढ़ने की हमेशा लालसा जरूरी है। वह कहती है कि महिला से अच्छी मैनेजर कोई नहीं हो सकता है। वह चाहे तो घर व बाहर दोनों मैनेज कर सकती है। 

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