Delhi: ड्रोन, खोजी कुत्तों और हवाई सर्वे से होगी अमरनाथ यात्रा की निगरानी, अमित शाह ने तैयारियों का लिया जायजा
केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला की अध्यक्षता में नॉर्थ ब्लॉक में हुई बैठक में सीआरपीएफ, बीएसएफ और आईटीबीपी जैसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के वरिष्ठ अधिकारी और खुफिया विभाग, सेना के अधिकारी मौजूद रहे।
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जम्मू-कश्मीर में पहली जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा की निगहबानी इस बार ड्रोन, खोजी कुत्तों और हवाई सर्वे से की जाएगी। केंद्रीय गृहमंत्रालय ने मंगलवार को समीक्षा बैठक में यात्रा के लिए की गई व्यापक सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया। सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय ने यात्रा के दौरान किसी भी आतंकी गतिविधि का मुकाबला करने और आपदाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए अंतर-एजेंसी समन्वय और ड्रोन, कुत्तों व हवाई-सर्वेक्षण टीमों के उपयोग पर जोर दिया है।
केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला की अध्यक्षता में नॉर्थ ब्लॉक में हुई बैठक में सीआरपीएफ, बीएसएफ और आईटीबीपी जैसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के वरिष्ठ अधिकारी और खुफिया विभाग, सेना के अधिकारी मौजूद रहे। जम्मू-कश्मीर पुलिस और प्रशासन तथा अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सदस्य भी उपस्थित थे। 62 दिवसीय वार्षिक तीर्थ यात्रा 1 जुलाई से 31 अगस्त तक चलेगी।
बैठक में सुरक्षा ग्रिड की अंतिम रूपरेखा की समीक्षा की गई। इस बात पर जोर दिया गया कि सभी खतरों और तैनात सुरक्षा बलों में ड्यूटी परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए एजेंसियों के बीच समन्वय में कोई खामी नहीं रहनी चाहिए। यात्रा मार्ग की सुरक्षा के परंपरागत तरीकों के साथ इस बार ड्रोन से निगरानी की जाएगी। पवित्र गुफा समेत हर जगह पर खोजी कुत्तों की व्यवस्था होगी। ताकि किसी भी प्राकृतिक या मानवजनित आपदा पर तत्काल जवाब दिया जा सके।
ऊंचाई और ठंडे मौसम को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के कुत्तों की एक टीम पहले ही तैनात कर दी गई है। ताकि उन्हें वहां के मौसम के अनुकूल बनाया जा सके। विशेषज्ञों की एक टीम और एनडीआरएफ किसी भी हिमनद झील विस्फोट बाढ़ (जीएलओएफ) या अचानक बाढ़ जैसी स्थिति के लिए प्रारंभिक चेतावनी देने के लिए ऊपरी इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेगी। पिछले साल 3.45 लाख लोगों ने पवित्र गुफा में बाबा अमरनाथ बर्फानी के दर्शन किए थे। इस बार यह आंकड़ा पांच लाख तक पहुंच सकता है।
मनसुख मांडविया ने की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। बैठक के दौरान मांडविया को आधार शिविर और यात्रा मार्ग में उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा देखभाल और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई। मांडविया ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं और चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने के लिए केंद्रशासित प्रदेश का सहयोग करें। अत्यधिक ऊचाई वाला क्षेत्र होने के कारण अमरनाथ यात्रा चुनौतियों भरी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय पर्याप्त स्वास्थ्य आवश्यकताएं पूरी करने के लिए जम्मू-कश्मीर के प्रशासन की सहायता कर रहा है।