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छोटी सी उम्र में संगीत की दुनिया में रिशान ने पाई अंतरराष्ट्रीय ख्याति
टीम डिजिटल/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Tue, 14 Jun 2016 12:37 PM IST
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रिशान भटनागर
- फोटो : टाइम्स ऑफ इंडिया
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प्रतिभा होकर भी अगर आप कठिन परिश्रम नहीं करते तो ये आपको ज्यादा दूर नहीं लेकर जाएगी। प्रतिष्ठित वियना ब्यॉज़ कॉयर में शामिल होने वाला 10 साल का रिशान भटनागर इसका एक बेहतरीन उदाहरण है। वह पहला ऐसा भारतीय है जो इस ग्रुप में शामिल हुआ है।
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गुड़गांव में रहने वाला रिशान,शहर के लॉरेन म्यूजिक एकेडमी से संगीत की शिक्षा ले रहा है। बता दें कि 2005 में इस एकेडमी के खुलने के बाद से यहां से कई प्रतिभाएं निकली हैं और अपना बड़ा मुकाम बनाया है।
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लॉरेन म्यूजिक एकेडमी के संस्थापक ऑब्रे अलॉयसियस ने कहा कि उन्हें रिशान की उपलब्धियों पर गर्व है उनसे पूछे जाने पर कि क्या रिशान के हुनर का पता उन्हें पहले से था, वो जवाब देते हैं कि रिशान 4 साल का था जब वो यहां आया था और तब उसने पियानो बजाना सीखना शुरू किया था।
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उस वक्त भी उसके पास हुनर था पर अब उसके पास उस हुनर को पूरा करने की काबिलियत है। रिशान के बारे में बताते हुए अलॉएसियस कहते हैं कि वो पहले कोई अद्वितीय गायक नहीं था, लेकिन वो हमेशा से अपने काम के प्रति समर्पित था।
अलॉएसियस आगे कहते हैं कि जब रिशान उनकी संस्था में आया था वो एक सामान्य प्रतिभा वाला बच्चा था लेकिन वो हमेशा से अनुशासित था। जबकि बहुत से ऐसे लोग होते हैं जिनके पास हुनर तो भरपूर होता है पर अनुशासन नहीं।
यहां बहुत से ऐसे छात्र हैं जो सामान्य हैं पर कुछ अलग कर गुज़रने की क्षमता रखते हैं। अलॉयसिस दंपति सन 2000 में मुंबई से गुड़गांव आए थे। उन्होंने बताया बॉम्बे में संगीत से जुड़े ज्यादातर परिवार ईसाई होते हैं या पारसी।
उनका कहना है जब उन्होंने गुड़गांव में एकेडमी खोली तब यही सोचा था, कि हर घर तक संगीत पहुंचे चाहे उस घर की पृष्ठभूमि संगीत से जुड़ी रही हो या नहीं।
उनका मानना है कि हर बच्चा संगीत सीख सकता है पर ये कुछ दिनों में नहीं सीखा जा सकता,ये एक जीवन चक्र की तरह है और इसमें निरंतर अभ्यास जरूरी है। वे कहते हैं कि उनका काम केवल बच्चों को संगीत सिखाना ही नहीं पर संगीत को उनका प्यार और सबसे अच्छा दोस्त बनाना है।
इस एकेडमी में लगभग 3000 बच्चे पढ़ते हैं जो 4 साल से लेकर 20 साल तक की उम्र के हैं। वो कहते हैं यहां बहुत छुपा हुआ हुनर है और जल्द ही यहां कुछ और रिशान निकल कर आएंगे।