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यहां रोजगार के लिए युवाओं ने किया ऐसा काम, जिसने बढ़ा दी सरकार के दिल की धड़कने

Sun, 06 May 2018 10:33 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 06 May 2018 10:33 AM IST
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youths Migration for employment in uttarakhand
बेरोजगारी - फोटो : demo pic

यहां रोजगार पाने क लिए युवा ऐसा काम कर रहे हैं कि इससे सरकार की परेशानी बढ़ गई है। रोजगार व आजीविका के लिए उत्तराखंड में युवाओं का सबसे ज्यादा पलायन हुआ है। इसका खुलासा ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग की ओर से कराए गए सर्वे की रिपोर्ट में हुआ है।

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10 सालों के भीतर 26 से 35 आयु वर्ग के 42.25 प्रतिशत युवाओं को रोजगार के लिए पैतृक गांव छोड़ना पड़ा। वहीं, 25 साल से कम आयु वर्ग के 28.66 प्रतिशत युवाओं ने बेहतर उच्च शिक्षा व आजीविका के लिए पलायन किया।
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प्रदेश में पलायन की स्थिति और कारणों को जानने के लिए पहली बार सरकार ने पलायन आयोग का गठन कर प्रदेश की 7950 ग्राम पंचायतों में सर्वे कराया। शनिवार को सरकार की ओर से जारी पलायन आयोग की सर्वे रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्यों का खुलासा हुआ है।
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उत्तरकाशी के मौरी और हरिद्वार जिला के नारसन विकासखंड को छोड़कर प्रदेश के सभी पंचायतों से युवाओं ने रोजगार, शिक्षा के लिए पलायन करने का विकल्प चुना। रिपोर्ट के अनुसार हरिद्वार, चंपावत, नैनीताल, चमोली, ऊधमसिंह नगर जिले 26 से 35 आयु वर्ग के युवाओं का पलायन करने में सबसे आगे हैं।

प्रदेश में करीब नौ लाख से अधिक बेरोजगार पंजीकृत

youths Migration for employment in uttarakhand
migration in uttarakhand

10 सालों के भीतर इस आयु वर्ग के 42.25 प्रतिशत युवाओं ने पलायन किया। जबकि 25 साल से कम आयु वर्ग में 28.66 प्रतिशत व 35 साल से अधिक आयु वर्ग में 29.09 प्रतिशत युवाओं ने रोजगार एवं आजीविका के लिए पलायन कर दूसरे शहरों में रह रहे हैं। युवाओं का पलायन रोकना सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती है।

पर्वतीय जिलों में नहीं है रोजगार का विकल्प
प्रदेश के पर्वतीय जिलों में सरकारी नौकरी के अलावा रोजगार व आजीविका के संसाधन न होने के कारण युवाओं को गांव छोड़कर दूसरे क्षेत्रों में पलायन करना पड़ रहा है। राज्य के मैदानी जिले हरिद्वार, देहरादून व ऊधमसिंह नगर तक ही औद्योगिक विकास हुआ है। पहाड़ों में न तो औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिला और न ही स्वरोजगार के लिए युवा आर्थिक रूप से मजबूत हैं। जिसकी वजह से गांवों से युवाओं से सबसे ज्यादा पलायन किया।

प्रदेश में करीब नौ लाख से अधिक बेरोजगार पंजीकृत
उत्तराखंड राज्य में बेरोजगारों का आंकड़ा करीब नौ लाख तक पहुंच गया है। 13 जिलों में  531174 पुरुष बेरोजगार व 338588 महिला बेरोजगार पंजीकृत हैं। जिसमें स्नातक पुरुष बेरोजगार 108248, महिला स्नातक 111521 शामिल हैं। हर साल बेरोजगारी का आंकड़ा बढ़ रहा है।

 

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