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कैबिनेट का फैसला: अब इस उम्र तक प्रवक्ता बन सकेंगे युवा, एलटी शिक्षकों के लिए भी अच्छी खबर

Thu, 12 Sep 2019 08:46 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 12 Sep 2019 08:46 AM IST
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Youths may become lecturer till 42 age after Uttarakhand Cabinet meeting decision
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तराखंड में राजकीय माध्यमिक स्कूलों में प्रवक्ता पदों की भर्ती के लिए सरकार आयु सीमा में बढ़ोतरी की है। अब 42 वर्ष की आयु वाले अभ्यर्थी भी प्रवक्ता पद के लिए आवेदन कर सकेंगे। अभी तक यह आयु सीमा 35 वर्ष निर्धारित थी। इस कारण हजारों अभ्यर्थी आवेदन करने से वंचित रह रहे थे। बुधवार को कैबिनेट ने उत्तराखंड विशेष अधीनस्थ शिक्षा (प्रवक्ता संवर्ग) सेवा नियमावली में संशोधन की मंजूरी दे दी है। 

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प्रदेश के माध्यमिक स्कूलों में प्रवक्ता पदों की भर्ती के लिए आयु सीमा 21 से 35 वर्ष निर्धारित थी। सेवा नियमावली में संशोधन कर अब सरकार ने अधिकतम आयु सीमा को 42 वर्ष किया गया। सरकार के इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को राहत मिली है।
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आयु सीमा के चलते प्रवक्ता पद के लिए आवेदन करने से वंचित थे। सीधी भर्ती के लिए अभ्यर्थी की आयु रिक्त पदों की विज्ञप्ति वर्ष की पहली जुलाई को 21 से 42 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। प्रवक्ता हिंदी पद के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर, संस्कृत विषय में स्नातक, एलटी डिप्लोमा व शिक्षा शास्त्र में बीएड अनिवार्य शैक्षिक अर्हता रखी गई है।
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वहीं, प्रवक्ता संस्कृत के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से संस्कृत में स्नातकोत्तर, संस्कृत कालेज से आचार्य साहित्य, व्याकरण, ज्योतिष, आचार्य वेद और आचार्य तुलनात्मक दर्शन की उपाधि निर्धारित की गई है।

एलटी शिक्षक पदों की भर्ती में शैक्षिक अर्हता को किया आसान 

राजकीय माध्यमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक (एलटी) पदों की सीधी भर्ती के लिए सरकार ने जटिल शैक्षिक अर्हता को आसान कर दिया है। इसमें सहायक अध्यापक कला, शारीरिक शिक्षा, कंप्यूटर विज्ञान पद की अनिवार्य शैक्षिक अर्हता में बदलाव  के लिए कैबिनेट ने उत्तराखंड अधीनस्थ शिक्षा (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) सेवा नियमावली में संशोधन की मंजूरी दे दी है। 

बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में उत्तराखंड अधीनस्थ शिक्षा (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) सेवा नियमावली में संशोधन करने की मंजूरी दी गई। अभी तक एलटी कला पद के लिए चिन्हित मान्यता प्राप्त कालेज व संस्थानों से दो वर्षीय, तीन और चार वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम की अनिवार्य थी।

इसे हटा कर अब किसी की मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ड्राईंग, फाइन आर्ट, विजुअल आर्ट में स्नातक की उपाधि, सरकार से मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण संस्थान या कालेज से बीएल उपाधि व राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद से कला विषय में बीएएड की न्यूनतम चार वर्षीय उपाधि निर्धारित की गई है।

इसी तरह शारीरिक शिक्षा पद के लिए स्नातक, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त संस्थान से शारीरिक शिक्षा में कम से कम एक वर्ष का बीपीएड शैक्षिक अर्हता रखी गई है। कंप्यूटर विज्ञान पद के लिए बीसीए की उपाधि को हटा दिया है।

कृषि विषय पद के लिए नियमावली में शैक्षिक अर्हता रखी है। पहले एलटी कृषि का पद नहीं था। इस पद के लिए कृषि विषय में स्नातक, मान्यता कालेज या संस्थान से एलटी डिप्लोमा व बीएड निर्धारित किया है।

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