फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   youth Living in Dubai and Canada but associated with uttarakhand culture

दुबई, कनाडा में रहने के बावजूद भी इनका दिल है उत्तराखंडी

Fri, 07 Dec 2018 10:43 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 07 Dec 2018 10:43 AM IST
विज्ञापन
youth Living in Dubai and Canada but associated with uttarakhand culture
शिवम भट्ट और शिवम सकलानी - फोटो : अमर उजाला

नौकरी और शिक्षा के लिए विदेश में रह रहे प्रदेश के युवाओं का दिल उत्तराखंड के लिए ही धड़कता है। अपनी भूमि के प्रति उनका लगाव ही है कि दुबई व कनाडा जैसे देशों में रहकर भी वह अपनी संस्कृति से जुड़े हैं।

विज्ञापन


जन्मभूमि के प्रति अपने प्रेम को वह अपने गीतों के जरिए बता रहे हैं। दुबई में रहे शिवम भट्ट के पांच दिन पहले रिलीज हुए गीत  ‘मेरी भग्यानी’ दर्शकों के दिलों को छूने में कामयाब हुआ है, जबकि कनाडा में रह रहे शिवम सकलानी जनवरी में अपना गीत उत्तराखंड के लिए समर्पित करेंगे। इन दोनों दोस्तों को दर्शकों से भी भरपूर प्यार मिल रहा है। 
विज्ञापन


मूल रूप से रुद्रप्रयाग के तिलवाड़ा भरदार निवासी 24 वर्षीय शिवम भट्ट ने हाल ही में अपना गीत मेरी भग्यानी रिलीज किया। इस गीत को रिलीज करने के लिए वह खासतौर पर दुबई से उत्तराखंड पहुंचे। उनका यह गीत यू-ट्यूब पर खूब धमाल मचा रहा है। गीत की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मात्र पांच दिन में शिवम के गीत को 1.80 लाख लोग देख चुके हैं। शिवम के अलावा इसमें इंडिया वॉयस फेम दीपा धामी ने आवाज दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके अलावा उनकी टीम में गुंजन डंगवाल, दिव्या सुंदरियाल, सचिन मोहित, अनिरुद्ध अमित कैंतुरा शामिल हैं। दुबई में दो साल से शैफ का काम करने वाले शिवम का कहना है कि वह हमेशा अपनी जन्मभूमि को याद कर भावुक हो जाते हैं। कहते हैं कि विदेश में रहकर अपना उत्तराखंड बेहद याद आता है। वहीं शिवम के दूसरे साथी शिवम सकलानी कनाडा में इवेंट मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन वह यहां होने वाले आयोजनों में उत्तराखंड की संस्कृति का रंग डालने का कोई मौका नहीं छोड़ते।


20 साल के शिवम भी जनवरी में अपना गाना लेकर आएंगे। शिवम ने बताया कि गाने की शूटिंग कनाडा में भी की जा रही है। अगले महीने वह उत्तराखंड आएंगे। शिवम कनाडा में रह रहे अपने और साथियों को भी अपनी संस्कृति से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं। वह कहते हैं कि हम कही भी रहे, लेकिन अपने देश, अपने गांव के बिना हमारी कोई पहचान नहीं है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed