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Dehradun News: नशा मुक्ति केंद्र में यातनाएं देकर युवक की हत्या, शव घर के दरवाजे पर फेंका
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चंद्रबनी स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती युवक की यातनाएं देकर हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को अमानवीय तरीके से गाड़ी में लाकर घर के दरवाजे पर फेंक दिया गया। युवक के शरीर पर चोट के निशान थे। बताया जा रहा है कि उसका एक हाथ भी टूटा हुआ था। गुस्साए परिजनों ने घर के बाहर हंगामा किया और फिर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क जाम कर दी।
पुलिस ने मामले में नशा मुक्ति केंद्र के संचालक समेत चार आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। युवक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। देर शाम तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई थी। जानकारी के मुताबिक टर्नर रोड गली नंबर एक का रहने वाला 22 वर्षीय सिद्धू शराब पीने का आदी था। परिजनों ने गत 22 मार्च को उसे चंद्रबनी स्थित न्यू आराध्या फाउंडेशन सोसाइटी के अंतर्गत संचालित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया। इसके बाद से वह वहीं पर रह रहा था। उसकी कोई खबर घरवालों तक नहीं आती थी। घरवाले भी कभी उससे मिलने केंद्र में नहीं गए।
इस बीच मंगलवार सुबह करीब सात बजे एक कार उनके घर के बाहर आकर रुकी। परिजन अभी घर के अंदर ही मौजूद थे। आसपास के सभी लोग काम पर जाने की तैयारी कर रहे थे। कार से तीन लोग उतरे और सिद्धू का शव दरवाजे पर डाल दिया। इसके बाद वहां से यह कहते हुए भाग गए कि इसकी मौत हो गई है। आसपास के लोगों ने कार का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन कार सवार वहां से भाग निकले। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी तो क्लेमेंटटाउन थाने से फोर्स मौके पर पहुंच गई। नशा मुक्ति केंद्र संचालक पर हत्या का आरोप लगाते हुए परिजनों और स्थानीय लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया।
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परिजन आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे। इस पर पुलिस ने नशा मुक्ति केंद्र के संचालक प्रशांत जुयाल और तीन स्टाफ अजय शर्मा, मनीष चौधरी, मोहन थापा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। एसपी सिटी सरिता डोबाल ने बताया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
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पहले लौटाई एंबुलेंस फिर की सड़क जाम
कैंट बोर्ड से सिद्धू के शव को लेने के लिए एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई थी। यहां परिजनों को कुछ लोगों ने समझाने का प्रयास किया तो परिजन भी शव भेजने के लिए मान गए। इसके बाद फिर से परिजनों ने कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा कर दिया और एंबुलेंस को लौटा दिया। इसके बाद टर्नर रोड के मोड़ पर बैठकर जाम लगा दिया। इससे आने जाने वाले लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मौके पर एसडीएम सदर, सीओ सदर पंकज गैरोला आदि पहुंच गए। उन्होंने परिजनों को उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर करीब दो घंटे बाद जाम खुलवाया।
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बुरी तरह पीटा गया था सिद्धू को
सिद्धू का शव घर में रख हुआ था। हर कोई उसके शरीर पर पड़े निशानों को देखकर हैरत में था। उसके मुंह और नाक से झाग निकल रहा था। उसके नितंबों पर चोट के ऐसे निशान थे, जिन्हें देखकर लग रहा था कि उसे फट्टों से बुरी तरह पीटा गया हो। उसका एक हाथ भी टूटा हुआ था। हालांकि, उसकी मौत कैसे हुई इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकता है। लिहाजा, पुलिस भी रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
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पुलिस ने मामले में नशा मुक्ति केंद्र के संचालक समेत चार आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। युवक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। देर शाम तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई थी। जानकारी के मुताबिक टर्नर रोड गली नंबर एक का रहने वाला 22 वर्षीय सिद्धू शराब पीने का आदी था। परिजनों ने गत 22 मार्च को उसे चंद्रबनी स्थित न्यू आराध्या फाउंडेशन सोसाइटी के अंतर्गत संचालित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया। इसके बाद से वह वहीं पर रह रहा था। उसकी कोई खबर घरवालों तक नहीं आती थी। घरवाले भी कभी उससे मिलने केंद्र में नहीं गए।
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इस बीच मंगलवार सुबह करीब सात बजे एक कार उनके घर के बाहर आकर रुकी। परिजन अभी घर के अंदर ही मौजूद थे। आसपास के सभी लोग काम पर जाने की तैयारी कर रहे थे। कार से तीन लोग उतरे और सिद्धू का शव दरवाजे पर डाल दिया। इसके बाद वहां से यह कहते हुए भाग गए कि इसकी मौत हो गई है। आसपास के लोगों ने कार का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन कार सवार वहां से भाग निकले। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी तो क्लेमेंटटाउन थाने से फोर्स मौके पर पहुंच गई। नशा मुक्ति केंद्र संचालक पर हत्या का आरोप लगाते हुए परिजनों और स्थानीय लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया।
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परिजन आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे। इस पर पुलिस ने नशा मुक्ति केंद्र के संचालक प्रशांत जुयाल और तीन स्टाफ अजय शर्मा, मनीष चौधरी, मोहन थापा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। एसपी सिटी सरिता डोबाल ने बताया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
पहले लौटाई एंबुलेंस फिर की सड़क जाम
कैंट बोर्ड से सिद्धू के शव को लेने के लिए एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई थी। यहां परिजनों को कुछ लोगों ने समझाने का प्रयास किया तो परिजन भी शव भेजने के लिए मान गए। इसके बाद फिर से परिजनों ने कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा कर दिया और एंबुलेंस को लौटा दिया। इसके बाद टर्नर रोड के मोड़ पर बैठकर जाम लगा दिया। इससे आने जाने वाले लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मौके पर एसडीएम सदर, सीओ सदर पंकज गैरोला आदि पहुंच गए। उन्होंने परिजनों को उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर करीब दो घंटे बाद जाम खुलवाया।
बुरी तरह पीटा गया था सिद्धू को
सिद्धू का शव घर में रख हुआ था। हर कोई उसके शरीर पर पड़े निशानों को देखकर हैरत में था। उसके मुंह और नाक से झाग निकल रहा था। उसके नितंबों पर चोट के ऐसे निशान थे, जिन्हें देखकर लग रहा था कि उसे फट्टों से बुरी तरह पीटा गया हो। उसका एक हाथ भी टूटा हुआ था। हालांकि, उसकी मौत कैसे हुई इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकता है। लिहाजा, पुलिस भी रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।