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Dehradun News: जाति प्रमाणपत्रों की जांच तेज, सत्यापन के लिए जिलों को भेजे
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एचएनबी मेडिकल विश्वविद्यालय में एमबीबीएस दाखिलों के दौरान एससी-एसटी कोटे के अभ्यर्थियों के जाति प्रमाणपत्रों की जांच तेज कर दी गई है। विश्वविद्यालय स्तर पर आठ अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन कराया जा रहा है। इनमें छह अभ्यर्थी एमबीबीएस में दाखिला ले चुके हैं, जबकि दो ने अभी दाखिला नहीं लिया है।
दाखिला लेने वाले छह अभ्यर्थियों के जाति प्रमाणपत्रों को सत्यापन के लिए संबंधित जिलों को भेज दिया गया है। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. विजय जुयाल ने बताया कि छह अभ्यर्थियों में तीन ऊधमसिंह नगर, दो देहरादून और एक हरिद्वार जिले का रहने वाला है। बुधवार को संबंधित जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर प्रमाणपत्रों की सत्यापन रिपोर्ट मांगी गई है। जिलों से रिपोर्ट मिलने के बाद ही इन अभ्यर्थियों के दाखिलों को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। एमबीबीएस दाखिले की प्रक्रिया के तहत दूसरी काउंसिलिंग समाप्त होने के बाद सभी अभ्यर्थियों के मूल अभिलेखों की जांच कराई जाएगी। तीसरी काउंसिलिंग शुरू होने से पहले दस्तावेजों का सत्यापन पूरा कराने की तैयारी है।
पहले कॉलेज, फिर विश्वविद्यालय स्तर पर जांच
परीक्षा नियंत्रक के अनुसार, दाखिले के दौरान संबंधित मेडिकल कॉलेज में अभ्यर्थियों के मूल दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इसके बाद विश्वविद्यालय स्तर पर जाति प्रमाणपत्रों को संबंधित जिलों में भेजकर उनका सत्यापन कराया जाएगा। इससे आरक्षित वर्ग के तहत दाखिला लेने वाले अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की वास्तविकता की पुष्टि हो सकेगी। विश्वविद्यालय स्तर पर काउंसिलिंग के साथ ही प्रमाणपत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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दाखिला लेने वाले छह अभ्यर्थियों के जाति प्रमाणपत्रों को सत्यापन के लिए संबंधित जिलों को भेज दिया गया है। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. विजय जुयाल ने बताया कि छह अभ्यर्थियों में तीन ऊधमसिंह नगर, दो देहरादून और एक हरिद्वार जिले का रहने वाला है। बुधवार को संबंधित जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर प्रमाणपत्रों की सत्यापन रिपोर्ट मांगी गई है। जिलों से रिपोर्ट मिलने के बाद ही इन अभ्यर्थियों के दाखिलों को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। एमबीबीएस दाखिले की प्रक्रिया के तहत दूसरी काउंसिलिंग समाप्त होने के बाद सभी अभ्यर्थियों के मूल अभिलेखों की जांच कराई जाएगी। तीसरी काउंसिलिंग शुरू होने से पहले दस्तावेजों का सत्यापन पूरा कराने की तैयारी है।
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पहले कॉलेज, फिर विश्वविद्यालय स्तर पर जांच
परीक्षा नियंत्रक के अनुसार, दाखिले के दौरान संबंधित मेडिकल कॉलेज में अभ्यर्थियों के मूल दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इसके बाद विश्वविद्यालय स्तर पर जाति प्रमाणपत्रों को संबंधित जिलों में भेजकर उनका सत्यापन कराया जाएगा। इससे आरक्षित वर्ग के तहत दाखिला लेने वाले अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों की वास्तविकता की पुष्टि हो सकेगी। विश्वविद्यालय स्तर पर काउंसिलिंग के साथ ही प्रमाणपत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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