{"_id":"1a400baadcaaa88106a991345821a5ef","slug":"youth-did-not-get-in-census-honoraria","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनगणना में लगे युवाओं को नहीं मिला मानदेय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनगणना में लगे युवाओं को नहीं मिला मानदेय
देहरादून/ब्यूरो
Updated Tue, 06 Aug 2013 09:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छठी आर्थिक जनगणना कार्य के पारिश्रमिक के भुगतान की मांग को लेकर सोमवार को युवाओं ने विकास भवन पर प्रदर्शन किया। जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी के खिलाफ नारेबाजी की। मामले में हस्तक्षेप करते हुए सीडीओ ने 12 अगस्त को नगर निगम से पारिश्रमिक के भुगतान का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
दो महीने बाद भी भुगतान नहीं
छठी आर्थिक जनगणना कार्य में लगे युवाओं को दो महीने बाद भी पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया गया है। भुगतान की मांग पर सोमवार को जनगणना में नियुक्त प्रगणकों ने विकास भवन पर जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी के खिलाफ प्रदर्शन किया।
विज्ञापन
प्रगणक अमित तोमर ने बताया कि मार्च, अप्रैल महीने में जिले भर में आर्थिक जनगणना का काम शुरू हुआ था और 20 मई तक सभी लोगों ने काम पूरा कर बस्ते जमा कर दिए थे।
विज्ञापन
काम शुरू होते समय उनको 6600 रुपये बस्ते का और 500 रुपये टीए-डीए दिए जाने की बात कही गई। 8 रुपया प्रति दुकान के हिसाब से क्षेत्र में स्थित दुकानों की आर्थिक जनगणना करने की भी बात कही थी। दो महीना बीतने के बाद भी नगर निगम व अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग से पारिश्रमिक नहीं मिल सका है। कई बार इस संबंध में अधिकारियों से वार्ता की गई लेकिन हर बार आश्वासन देकर ठगा गया।
भुगतान करने का आश्वासन दिया
युवाओं के हंगामे के बाद सीडीओ ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए 12 अगस्त को नगर निगम से पारिश्रमिक का भुगतान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए। इस दौरान कमलेश भट्ट, कुलदीप चंदेल, संजय तोमर, अजीत तोमर, प्रदीप राठौर, प्रदीप तोमर, राजेंद्र चौहान, आनंद सिदे, जसपाल, काशी, रणवीर, आनंद, विमल, कुंदर उपस्थित थे।
खबर पर अपनी राय देने के लिए यहां क्लिक करें