युवा दिवस: ओला-ओयो की तर्ज पर शुरू किया हायर ए कैंप, बना अंतरराष्ट्रीय फंडिंग पाने वाला पहला स्टार्टअप
युवा उद्यमी कशिश पाहवा और मितुल अग्रवाल ने ओला कैब और ओयो होटल चैन की तर्ज पर उतराखंड में हायर ए कैंप शुरू किया है।
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उत्तराखंड के युवा स्टार्टअप की ओर बढ़ रहे हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उद्योग विभाग के पास इस समय लगभग 100 से भी ज्यादा स्टार्टअप के पंजीकरण हैं। इन युवाओं के बिल्कुल अलग आइडिया से न सिर्फ युवाओं को बल्कि राज्य को भी लाभ मिल रहा है।
अंतरराष्ट्रीय ग्रुप एंजेल इन्वेस्टर्स ने दी फंडिंग
युवा उद्यमी कशिश पाहवा और मितुल अग्रवाल ने ओला कैब और ओयो होटल चैन की तर्ज पर उतराखंड में हायर ए कैंप शुरू किया है। यह आउटडोर कैंप उपलब्ध कराने का काम करता है। खास बात यह है कि दोनों युवा पहले ऐसे उद्यमी हैं जो न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय इन्वेस्टर्स से फंडिंग पाने में कामयाब हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय ग्रुप एंजेल इन्वेस्टर्स ने दोनों उद्यमियों के स्टार्टअप हायर ए कैंप को फंडिंग दी है।
कशिश और मितुल दोनों ही इंजीनियरिंग के छात्र हैं। 2019 में शुरू किए गए इस स्टार्टअप को लेकर दोनों ही उद्यमियों को इतनी तेजी से सफलता मिलने की उम्मीद नहीं थी। लेकिन 2020 में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दोनों युवा उद्यमियों ने अपना प्रोजेक्ट दिखाया तो सभी ने खूब सराहा। यह प्रोजेक्ट अपने आप में बिल्कुल अलग और अनोखा था।
इस स्टार्टअप से युवाओं को स्वयं से तो कई उम्मीदें थी, लेकिन यह स्टार्टअप राज्य में टूरिज्म की संभावनाओं को और अधिक बढ़ाने वाला था, जिसके चलते इस स्टार्टअप की सराहना करते हुए उद्योग विभाग ने इस स्टार्टअप को पंजीकृत किया। कशिश और मितुल इस नेटवर्क को उतराखंड के बाहर अन्य राज्यों में भी करने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि वह महाराष्ट्र, हिमाचल, केरल आदि राज्यों में इसे कर चुके हैं।
ऐसे आया हायर ए कैंप का विचार
हायर ए कैंप के संस्थापक कशिश पाहवा ने बताया कि एक बार उन्होंने अपने कॉलेज के दोस्तों के साथ आउटडोर कैंप जाने की सोची। ऋषिकेश का प्लान बना, लेकिन यहां आउटडोर कैंप बुक करने में उन्हें बहुत परेशानी हुई। तभी कशिश के दिमाग में आइडिया आया। ओला कैब और ओयो होटल चेन की तरह देशभर में आउटडोर कैंप बुक कराने के लिए आसान तरीका होना चाहिए। इसलिए उन्होंने हायर कैंप स्टार्टअप की शुरुआत की।
मेरा मानना है कि युवाओं को अपने पैशन को फॉलो करना चाहिए। तभी हम अपने लिए भी और राज्य व देश हित में कुछ अच्छा कर सकते हैं। जिस काम को आप मन से और ईमानदारी से नहीं कर सकते उस काम को नहीं करना चाहिए। मैं शुरू से एक उद्यमी के रूप में अपने आपको देखना चाहता था। और मैं वही बना। मुझे ज्यादा खुशी इस बात की है कि मैं राज्य के विकास में भी कुछ सहयोग कर पाऊंगा।
- कशिश पाहवा, संस्थापक हायर ए कैंप
हमारे राज्य में इतनी खूबसूरत जगह है कि कोई भी यहां आकर समय बिताना चाहेगा। लोग प्रकृति से जुड़ना चाहते हैं। एडवेंचर करना चाहते हैं। और हम उन्हें यहां पहुंचने का एक आसान तरीका बता रहे हैं। बड़ी संख्या में हम कैंप साइड जोड़ रहे हैं। कोरोना के ये हालात संभले तो हमारा काम और अधिक रफ्तार पकड़ेगा। मुझे लगता है कि युवाओं के पास बहुत अलग और नए विचार हैं, जिनसे वह बहुत कुछ बदल सकते हैं।
- मितुल अग्रवाल, सह संस्थापक हायर ए कैंप