डेढ़ किमी. तक दौड़ती रही कार, बोनट पर लटका युवक चिल्लाता रहा
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सड़क पर कार दौड़ रही थी, बोनट पर लटका युवक बचाओ-बचाओ चिल्ला रहा था। करीब डेढ़ किलोमीटर तक ऐसा ही मंजर रहा। यह सीन फिल्मी नहीं बल्कि देहरादून में हुई एक असल घटना है।
यह नजारा देख लोग सहम गए। कोई समझ नहीं पा रहा था कि चालक कार को क्यों नहीं रोक रहा है। लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। काफी देर बाद कुछ लोगों ने हिम्मत दिखाई तो बुजुर्ग चालक को ब्रेक लगाने पड़े।
तब जाकर साफ हुआ कि टक्कर मारने वाले चालक को पकड़ने के लिए युवक कार के बोनट पर लटक गया था और बुजुर्ग फरार होने की कोशिश कर रहा था। कैंट के विजय पार्क निवासी नवल किशोर उर्फ बिट्टू रविवार सुबह पैदल ही आईएमए ब्लड बैंक के पास सड़क पार कर रहा था।
बुजुर्ग मारपीट के डर से कार रोकने में हिचकिचा रहा था
इसी बीच तेजी से आई कार ने साइड मारी तो नवल सड़क पर गिर गया। कार नहीं रुकी तो नवल ने एक बाइक सवार से लिफ्ट लेकर बल्लूपुर चौक से पहले ही कार को रोक लिया। कार के बुजुर्ग चालक ने उसकी बात सुनने के बजाए फिर से कार दौड़ा दी। नवल किशोर हिम्मत दिखाते हुए बोनट पर चढ़ गया।
इसी बीच कार का शीशा टूट गया। चालक ने भी कार नहीं रोकी और तेजी से आगे बढ़ गया। बोनट पर लटका नवल किशोर बचाओ-बचाओ चिल्लाता रहा। करीब डेढ़ किलोमीटर तक यह सीन चलता रहा। सड़क के दोनों तरफ चल रहे लोग भी नवल की चीखें सुनकर सहम गए। कई लोगों ने 100 नंबर डायल किया तो कॉल ऋषिकेश कंट्रोल रूम में जाकर मिला। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस अधिकारियों को फोन कर दिया।
कार को पकड़ने के लिए वायरलेस पर संदेश जारी किया गया। पुलिस आती उससे पहले ही कुछ लोगों ने एफआरआई के पास वाहन आगे लगाकर चालक को कार रोकने के लिए मजबूर कर दिया, तब जाकर नवल की जान में जान आई।
पंडितवाड़ी चौकी पुलिस ने कार चालक बुजुर्ग और नवल को बिंदाल पुलिस चौकी भेज दिया। यदि नवल का हाथ छूट जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। यह बात अलग है कि बिंदाल पुलिस चौकी में दोनों पक्षों में समझौता हो गया। पंडितवाड़ी चौकी प्रभारी शमशेर सिंह ने बताया कि बुजुर्ग मारपीट के डर से कार रोकने में हिचकिचा रहा था।