सगी बहनों को घर में मिला धोखा, गांव आया साथ
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परिजनों ने दो किशोरियों के साथ धोखाधड़ी कर उनकी जमीन अपने नाम करवा ली और मारपीट कर उन्हें घर से निकाल दिया। इस नाइंसाफी के खिलाफ पूरा गांव बेटियों के पक्ष में खड़ा हो गया।
पंचायत कर आरोपियों को हिदायत दी कि उनकी जमीन वापस करें। ग्रामीणों ने पुलिस चौकी का घिराव भी किया। बाद में आरोपियों ने पंचायत के फैसले को मान लिया, जिस पर समझौता हो गया।
मामला हरिद्वार के चुड़ियाला क्षेत्र के ग्राम शेरपुर का है। बताया गया कि यहां के रहने वाले एक व्यक्ति और उसकी पत्नी की कई साल पहले मौत हो गई थी। ऐसे में उनकी दो नाबालिग बेटियां अपने परिजनों के साथ रह रही थी।
आरोप है परिजनों ने धोखाधड़ी कर उनके हिस्से की जमीन अपने नाम करवा ली। उनकी जमीन पर खड़े पापुलर के पेड़ भी उनकी शादी कराने के नाम पर कटवा लिए। इन पेड़ों के बदले मिले करीब चार लाख रुपये भी हड़प लिए।
बृहस्पतिवार की रात दोनों किशोरियों को मारपीट कर घर से निकाल दिया गया। इन दोनों बहनों में से एक विकलांग है।
आत्महत्या करने जा रही थी दोनों बहनें
अपनों से धोखा खाकर बेघर और निराश दोनों बहनें बृहस्पतिवार की देर शाम आत्महत्या करने जा रही थी तभी पड़ोस की एक महिला ने उन्हें रोका और कारण पूछा। बात पूरे गांव में फैल गई।
ग्राम प्रधान मोहम्मद फारुख ने शुक्रवार की सुबह इस मामले पर पंचायत बुलाई और आरोपियों को हिदायत दी कि उनकी जमीन वापस करें तथा पेड़ों की कीमत भी उनके खाते में जमा कराएं। आरोपियों ने हीलाहवाली की तो ग्रामीण एकजुट होकर तेज्जुपुर पुलिस चौकी पर पहुंच गए। दबाव बनने पर आरोपी पंचायत का फैसला मानने को राजी हो गए।
इनका है कहना
ग्रामीण उनके पास आए थे बाद में उन्होंने बताया कि फैसला हो गया है। अगर इसके बाद भी कोई शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
-मनोज शर्मा, चौकी प्रभारी तेज्जुपुर
पूरा गांव बेटियों के साथ है। उनके साथ नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी। आरोपियों ने अपनी गलती मान ली है। अगर इसके बाद भी कोई नाइंसाफी हुई तो कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी।
-मोहम्मद फारुख, ग्राम प्रधान