योग गुरु बाबा रामदेव के प्रदेश में हो रहा 'दुर्योग'
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देश-दुनिया को योग का पाठ पढ़ाने वाले बाबा रामदेव के प्रदेश में स्कूलों के बच्चे ही योग शिक्षा का फायदा नहीं उठा पा रहे हैं।
हाल ये है कि प्रदेश में करीब 20 हजार योग प्रशिक्षित नियुक्ति की मांग को लेकर सड़कों पर तो हैं, लेकिन उनकी संख्या स्कूलों में शून्य है। यह तब है जबकि प्रदेश में करीब चार साल से योग शिक्षा स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल है। यह स्थिति प्रदेश के मुखिया और अधिकारियों के साथ ही आमजन से भी छिपी नहीं है।
इसका असर जिम्मेदारों पर हो न हो, कॅरियर के लिहाज से योग को रास्ता बनाने वालों पर जरूर पड़ रहा है। ऐसे में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाए जाने की पहल करने वाले देश के इस प्रदेश का यह हाल वाकई चिंतनीय है।
2014 को मुख्यमंत्री रावत ने की थी घोषणा
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने टिहरी में आयोजित एक समारोह में एक मार्च 2014 को जूनियर हाईस्कूल एवं इससे उच्च स्तर की कक्षाओं में योग शिक्षा को शामिल करने एवं इसके लिए योगाचार्यों की नियुक्ति की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की घोषणा पर बेरोजगारों को नियुक्ति की आस जगी थी, लेकिन घोषणा के एक साल बाद भी योग प्रशिक्षितों को नियुक्ति नहीं मिल पाई है।
निशंक सरकार में मामला पहुंचा था कैबिनेट बैठक तक
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक के कार्यकाल में मामला कैबिनेट की बैठक तक पहुंचा था। कैबिनेट की बैठक में योग प्रशिक्षितों को रखने का प्रस्ताव पास होने के बावजूद एक भी योग प्रशिक्षित बेरोजगार को नियुक्ति नहीं मिल सकी।
वित्त एवं कार्मिक में अटकी सीएम की घोषणा
योग प्रशिक्षितों की नियुक्ति को लेकर की गई मुख्यमंत्री हरीश रावत की घोषणा पर कार्रवाई वित्त एवं कार्मिक विभाग में लटक गई।
शिक्षा विभाग ने मुख्यमंत्री की घोषणा की फाइल में कार्रवाई पर कहा कि प्रदेश में जूनियर हाईस्कूलों में कक्षा छह से आठ तक में योग एवं शारीरिक शिक्षा पाठ्यक्रम पहले से लागू है। वहीं, योगाचार्यों की नियुक्ति का मामला वित्त एवं कार्मिक विभाग में परामर्श के लिए भेजा जाएगा। प्रकरण में कार्रवाई की जा रही है।
पूर्ववर्ती भाजपा और वर्तमान कांग्रेस सरकार में कई बार नियुक्ति की घोषणाएं हुईं, लेकिन आज तक एक भी योग प्रशिक्षित को नियुक्ति नहीं मिल सकी है। इन घोषणाओं पर अमल न कर हमारे भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।
- राकेश सेमवाल, प्रदेश अध्यक्ष योग प्रशिक्षित बेरोजगार महासंघ
योगाचार्यों की नियुक्ति अभी नहीं हो पाई है। स्कूलों में योग पाठ्यक्रम लागू है। व्यायाम शिक्षक बच्चों को योग एवं व्यायाम शिक्षा पढ़ा रहे हैं।
- सीमा जौनसारी, शिक्षा निदेशक बेसिक शिक्षा