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यशपाल की चाल से कांग्रेस में आ गया भूचाल

Tue, 17 Jan 2017 11:12 AM IST
निशांत खनी/ अमर उजाला, हल्द्वानी
निशांत खनी/ अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Tue, 17 Jan 2017 11:12 AM IST
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yashpal left congress, congress in Storm
यशपाल आर्य - फोटो : अमरउजाला

यशपाल आर्य और पुत्र संजीव आर्य और उनकी टीम के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने से उत्तराखंड की सियासत में भूचाल खड़ा हो गया है। कांग्रेस को इससे करारा झटका लगा है। मामला जब पुत्र मोह का हो तो फिर पार्टी और कार्यकर्ता बदलने में कोई हर्ज भी नहीं।

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उत्तराखंड की हरीश रावत सरकार में कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य ने इसे साबित कर दिखाया। पुत्र मोह में यशपाल आर्य की शतरंज की चाल में कांग्रेस चित हो गई है। उत्तराखंड की राजनीति में यशपाल आर्य बड़ा चेहरा हैं। बतौर दलित नेता जनता में उनकी मजबूत पकड़ है।
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तत्कालीन नैनीताल जिले की मुक्तेश्वर सीट के खत्म होने के बाद यशपाल आर्य 2012 में पहाड़ से तराई बाजपुर में उतरे। बाजपुर आरक्षित सीट में रिकार्ड वोटों से जीते। जबकि मुक्तेश्वर से 2002 और 2007 में विधायक निर्वाचित रहे। तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी सरकार में विधानसभा अध्यक्ष रहे।
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कांग्रेस में दलित और सर्वमान्य नेता होने के कारण ही मौजूदा कांग्रेस सरकार में हरीश रावत की ताजपोशी से पहले मुख्यमंत्री की दौड़ में भी यशपाल आर्य का नाम चर्चाओं में रहा। हालांकि, बतौर मुख्यमंत्री उनकी ताजपोशी नहीं हो सकी, लेकिन हरीश रावत सरकार को उनके दबाव में कई बार झुकना पड़ा।

यशपाल आर्य ने बेटे संजीव  को भी राजनीति में स्थापित कर लिया। संजीव पढ़े-लिखे और सुलझे युवा नेता हैं। संजीव हरीश रावत सरकार में उत्तराखंड कोआपरेटिव बैंक अध्यक्ष हैं, जबकि पूर्व में हल्द्वानी मंडी के सभापति रह चुके हैं। यशपाल आर्य बेटे संजीव को सक्रिय राजनीति में उतारने के लिए विधान सभा चुनाव में टिकट की पैरोकारी कर रहे थे।

मुख्यमंत्री रावत इसके लिए राजी थे, मगर परिवारवाद का मुद्दा न उठ खड़ा हो इसके चलते आर्य को संजीव के लिए टिकट का आश्वासन नहीं मिला। इससे यशपाल आर्य का कांग्रेस से मोह भंग हो गया । पिछले कई महीनों से वे भाजपा नेताओं के संपर्क में थे।


कांग्रेस और भाजपा प्रत्याशियों की सूची जारी होने से पहले सोमवार को यशपाल आर्य ने संजीव और अपने समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल होकर प्रदेश की सियासत में तूफान खड़ा कर दिया है। यशपाल बाजपुर और संजीव नैनीताल से भाजपा प्रत्याशी घोषित हो गए हैं। इससे कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है। यशपाल और संजीव के भाजपा में शामिल होने से सियासी समीकरण बदलेंगे। नफा और नुकसान को लेकर सोशल मीडिया में बहस शुरू हो गई है।

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