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पहले दिन 120 ने किए बाबा केदार के दर्शन
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 05 Oct 2013 07:07 PM IST
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जून की आपदा के बाद से रुकी केदारनाथ धाम की औपचारिक यात्रा शनिवार से शुरू हो गई। प्रथम नवरात्र और जल प्रलय के 111वें दिन पुन: केदार यात्रा के पहले दिन बाबा भोले की नगरी शिव के जयकारों से गूंज उठी। इस दौरान लगभग 120 लोगों ने बाबा के दर्शन किए। यात्रा की औपचारिक शुरुआत केंद्रीय जल संसाधन मंत्री हरीश रावत ने की थी। केंद्रीय मंत्री हरीश रावत ने सुबह साढ़े दस बजे भगवान केदार के दर्शन किए।
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भगवान केदार के दर्शन के बाद तीर्थ पुरोहित समाज ने हरीश रावत को ज्ञापन सौंपा। जिसमें केदारघाटी विकास प्राधिकरण का विरोध किया गया है। ज्ञापन में केदारनाथ तक मोटर मार्ग बनाने की मांग और धाम में बसे भवनों को तोड़ने का विरोध किया गया है।
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मंदिर समिति के अध्यक्ष गणेश गोदियाल और मुख्य कार्यकारी अधिकारी बीडी सिंह भी केदारनाथ पहुंच चुके हैं। शनिवार को सुबह से ही केदारघाटी में मौसम साफ है।
अभी भी यात्रा के रजिस्ट्रेशन किए जा रहे हैं। यात्रा के पड़ावों पर मेडिकल चेकअप की सुविधा भी दी जा रही है। इधर यात्रा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन भी अलर्ट है। इस बार यात्रा के दौरान सीसीटीवी कैमरों का भी सहारा लिया जा रहा है।
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हालांकि, खराब रास्ते के साथ मौसम भी यात्रियों के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। चमोली और रुद्रप्रयाग जिले में रुक-रुक कर हो रही बारिश से ठंड बढ़ गई है। शुक्रवार को भी केदारधाम में शाम पांच बजे से घना कोहरा छा गया।
जत्थे के साथ पुलिस टीम भी
चिकित्सकीय परीक्षण के बाद स्वस्थ लोग गुप्तकाशी में रजिस्ट्रेशन करवाकर केदारनाथ जा सकेंगे। शनिवार की यात्रा के लिए शुक्रवार शाम तक 43 लोग रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। बताया जा रहा है कि यात्रियों के पहले जत्थे में अधिकांश वो लोग हैं, जिनके परिजन जून की आपदा के बाद लापता हैं। जत्थे के साथ पुलिस टीम भी रहेगी।
आने-जाने का किराया 3000 रुपए
धाम में टेंट और प्री-फेब्रिकेटेड हट्स (रेडीमेड मकान) में लगभग 100 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। पैदल रास्ते पर लिनचोली और भीमबली में भी टेंट लगाए गए हैं। चेक पोस्ट स्थापित कर पुलिस बल की तैनाती भी की गई है।
सोनप्रयाग बाजार में घोड़े-खच्चरों की बुकिंग के लिए प्री-पेड काउंटर बनाया गया है। 50 घोड़े-खच्चरों का पंजीकरण किया गया है। सोनप्रयाग से केदारनाथ आने-जाने का किराया 3000 रुपए तय किया गया है। चमोली जिला प्रशासन के मुताबिक जोशीमठ से बदरीनाथ जाने तथा धाम से लौटने वाले सभी तीर्थयात्रियों का इस बार ब्योरा रखा जाएगा।
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