फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   World No Tobacco Day 2018 uttarakhand public say no to tobacco

विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर विशेष : तंबाकू से तौबा कर रहे यहां के लोग, यह है वजह

Thu, 31 May 2018 12:08 PM IST
अरविंद सिंह, अमर उजाला, देहरादून
अरविंद सिंह, अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 31 May 2018 12:08 PM IST
विज्ञापन
World No Tobacco Day 2018 uttarakhand public say no to tobacco
Tobacco kills

तंबाकू से बढ़ती बीमारियों से तंबाकू खाने वाले और धूम्रपान न करने को लेकर देवभूमि के लोगों में जागरूकता बढ़ी है। स्वास्थ्य विभाग के ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे 2016-17  के मुताबिक उत्तराखंड में पिछले पांच सालों में प्रदेश में तंबाकू खाने वालों की संख्या में 4.2 फीसदी की कमी आई है। वहीं, बीड़ी, सिगरेट पीने वालों की संख्या भी चार फीसदी घटी है।  

विज्ञापन


आंकड़ों के मुताबिक 2009-10 में हुए ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे के मुताबिक प्रदेश में तंबाकू खाने वाले 30.7 फीसदी और धूम्रपान करने वाले 22.1 फीसदी लोग थे। साल 2016-17 के सर्वे में यह आंकड़ा क्रमश: 26.5 और 18.1 फीसदी पर पहुंच गया है। सर्वे के दौरान यह सुखद बात भी सामने आई है कि 15 से 17 साल के किशोरों के बीच धूम्रपान का प्रचलन कम हुआ है । ग्लोबल सर्वे में यह पहलू सामने आया है कि पहले की तुलना में धूम्रपान करने वालों 37.6 फीसदी लोग हेल्थ केयर प्रोवाइडर के कहने पर धूम्रपान करना छोड़ रहे हैं। 
विज्ञापन


खतरनाक चेतावनी से लगा डर
सर्वे के दौरान 67.4 धूम्रपान करने वालों ने यह जानकारी दी कि उन्होंने सिगरेट और बीड़ी के पैकेट पर छपी चेतावनी के चलते धूम्रपान करना छोड़ा। वर्तमान में 29.8 फीसदी पुरूष और 6.3 फीसदी महिलाएं धूम्रपान करती हैं। जिसमें 14.9 फीसदी शहरी और 19.7 फीसदी ग्रामीण शामिल हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

बीड़ी के ज्यादा शौकीन 

World No Tobacco Day 2018 uttarakhand public say no to tobacco
tobacco - फोटो : अमर उजाला
सर्वे के दौरान यह बात भी सामने आई है कि प्रदेश में सिगरेट पीने वालों की संख्या बेहद कम है। आंकड़ों के मुताबिक राज्य में महज 9. 6 फीसदी लोग सिगरेट पीते हैं। जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों में यह संख्या न के बराबर है। सर्वे के मुताबिक राज्य में 29. 9 फीसदी पुरुष और 5.4 फीसदी महिलाएं बीड़ी का  सेवन करती हैं।  बीड़ी पीने वालों में शहरियों की संख्या 12.2 फीसदी जबकि ग्रामीणों ने यह आंकड़ा 17.5 फीसदी है।

सिगरेट पर 515, बीड़ी पर 193 रुपये मासिक खर्च 
सर्वे के मुताबिक राज्य में सिगरेट पीने वाला व्यक्ति माह में औसतन 515 रुपये खर्च करता है। जबकि बीड़ी पीने वाला एक माह में 193. 90 रुपये खर्च करता है। 

स्वास्थ्य विभाग की ओर से राज्य में धूम्रपान से होने वाले नुकसानों के प्रति जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे के आंकड़े इस बात की तस्दीक करते हैं। उम्मीद है कि आने वाले समय में राज्य में गुटखा खाने, बीड़ी और सिगरेट पीने करने वालों की संख्या और घटेगी। 
- डॉ अर्चना श्रीवास्तव, स्वास्थ्य महानिदेशक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed