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शुरू हुआ विश्व का पहला मुस्लिम योग शिविर, सीएम ने की कोटद्वार का नाम कण्वनगरी रखने की घोषणा

Thu, 21 Nov 2019 08:21 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 21 Nov 2019 08:21 AM IST
सार

  • कलालघाटी का नाम कण्वघाटी करने के लिए नगर निगम प्रस्ताव पारित कर शासन को भेजने की कही बात 
  • 20 से 24 नवंबर तक कण्व आश्रम में लगेगा शिविर, विभिन्न देशों के 500 प्रतिभागी लेंगे भाग
     

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World first Muslim yoga camp Inauguration in kotdwar by cm trivendra singh rawat
मुस्लिम योग शिविर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड में वैदिक आश्रम गुरुकुल महाविद्यालय कण्वाश्रम के स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर पहुंचे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने चक्रवर्ती सम्राट भरत और महर्षि कण्व की मूर्ति (वीर भरत स्मारक) का लोकार्पण और मुस्लिम योग शिविर का उद्धाटन किया। सरकार का दावा है कि ये विश्व का पहला मुस्लिम योग शिविर है। यह योग शिविर 20 से 24 नवंबर तक चलेगा।

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इस मौके पर आयोजित सभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि चक्रवर्ती सम्राट भरत की जन्मस्थली कण्वाश्रम को केंद्र सरकार ने देश के 32 आइकॉनिक स्थलों में शामिल किया गया है। कण्वाश्रम के विकास के लिए सरकार वचनबद्ध है।
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कहा कि कोटद्वार का नाम कण्वनगरी कोटद्वार करने के लिए जल्द कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा। कलालघाटी का नाम कण्वघाटी करने के लिए नगर निगम की ओर से विधिवत प्रस्ताव शासन को भेजने की बात मुख्यमंत्री ने कही। 
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कण्वाश्रम गुरुकुल महाविद्यालय में पहुंचने पर सीएम और अन्य अतिथियों का महाविद्यालय की ओर से रुद्राक्ष की मालाएं भेंटकर स्वागत किया गया। गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया।

इस अवसर पर स्थानीय जनता और महाविद्यालय की  ओर से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर कण्वाश्रम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित कराने, कण्वाश्रम के विकास के लिए यहां पहुंचने वाली सभी मार्गों की मरम्मत कराए जाने, कण्वाश्रम के पांच किमी. तक मांस और मदिरा के पूर्णतया निषेध किए जाने, पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पुलिस चेक पोस्ट स्थापित करने, कण्वाश्रम में बहने वाली मालन नदी की पवित्रता के लिए शमशान घाट का निर्माण किए जाने, कण्वाश्रम के नजदीकी क्षेत्र को पर्यटकों के लिए विकसित किए जाने, कण्वाश्रम के निकटवर्ती ऐतिहासिक स्थानों का उल्लेख भारत के पर्यटन मानचित्र ने दर्शाए जाने और इन स्थानों में बुनियादी सुविधाएं विकसित कर पर्यटकों के पैकेज टूर लाने की व्यवस्था करने, गुरुकुल महाविद्यालय में पेयजल की व्यवस्था करने और महाविद्यालय की दो हेक्टेयर भूमि को 99 वर्ष के लीज पर दिए जाने की मांग की। 

इस अवसर पर मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक इंद्रेश कुमार, वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत, परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष चिदानंद मुनि, महाविद्यालय के संस्थापक डा. विश्वपाल जयंत, पिरान कलियर से पहुंचे छोटे मियां सावरी, सर्वधर्म धाम हरिद्वार के संस्थापक शरफरुद्दी खान, अफजल मंगलौरी, राजेंद्र प्रसाद अंथवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष शैलेंद्र बिष्ट, मनोज अरोड़ा, अमन चटवाल, तरुण बजाज, योगी विश्वकेतु आदि मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन राजवीर शास्त्री, सुषमा जखमोला और मेजर हिमांशु (सेनि) ने किया। 

पहले दिन 200 साधकों ने किया योगाभ्यास

कण्वाश्रम स्थित गुरुकुल महाविद्यालय में आयोजित मुस्लिम योग शिविर के पहले दिन विभिन्न समुदाय के करीब 200 साधकों ने योग का अभ्यास किया। योगीराज ब्रह्मचारी डा. विश्वपाल जयंत ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी में मुस्लिम समुदाय समेत सभी समुदाय के साधकों को योगाभ्यास कराया। 

पने संबोधन में इंद्रेश कुमार ने योग शिविर को नए भारत का उदय बताया। कहा कि कुछ मुस्लिम नेता योग के नाम पर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। अब समय आ गया है कि योग के माध्यम से जाति और धर्म के भेदभाव को भूलकर निरोग समाज के लिए कार्य किया जाए। कण्वाश्रम से योग के माध्यम से नए भारत के निर्माण की शुरुआत हो गई है। उन्होंने सभी धर्म के लोगों से निरोग रहने के लिए योग को अपनाने की अपील की। 

योग का विरोध करना इंसान का इंसानियत से नफरत करने के समान 

कण्वाश्रम में पहली बार आयोजित हो रहे मुस्लिम योग शिविर का सभी धर्म के लोगों ने स्वागत किया है। उन्होंने इस पहल को निरोग रहने और आपसी सदभाव के लिए समय की जरूरत बताया। इस अवसर पर लोगों ने अमर उजाला को अपनी प्रतिक्रियाएं दी। 

मुस्लिम योग शिविर पहली बार कोटद्वार में कण्वाश्रम की धरती पर हो रहा है। योग की शक्ति को पूरा विश्व मान रहा है। योग किसी धर्म का नहीं है, योग का अर्थ  लोगों के आपस में जोड़ना है। मिटने-मिटाने की बात को छोड़कर अब योग के माध्यम से मिलने-मिलाने की बात होनी चाहिए। 
- स्वामी चिदानंद मुनि, अध्यक्ष परमार्थ निकेतन ऋषिकेश 

जिस प्रकार सूर्य सभी के लिए ऊर्जा देता है, उसी प्रकार योग सभी के लिए है। योग का काम शरीर को निरोग रखना है। लेकिन, कुछ मुस्लिम लोग योग को अपने धर्म के विरुद्ध मानते हैं। इसी भ्रांति को दूर करने के लिए मुस्लिम योग शिविर का आयोजन किया जा रहा है। 
- डा. विश्वपाल जयंत, संस्थापक वैदिक गुरुकुल विश्वविद्यालय कण्वाश्रम 

शरीर को स्वस्थ रखने का योग सबसे बेहतरीन तरीका है, हमें इंसानियत के लिए योग को अपनाना चाहिए। कुछ कट्टरपंथी लोग योग को लेकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। योग का विरोध करना इंसान का इंसानियत से नफरत करने के समान है। 
-  छोटे मियां सावरी, खादिम पिरान कलियर 

अब समय आ गया है राष्ट्र की एकता अखंडता के लिए आपसी भेदभाव छोड़कर एकजुटता के साथ आगे बढ़ने का। योग के माध्यम से नफरत छोड़ो- भारत जोड़ो का संदेश पूरे देश को देना है। मुस्लिम योग शिविर की यह पहल काबिले तारीफ है। 
- शरफरुद्दीन खान, संस्थापक सर्वधर्म धाम हरिद्वार 

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