फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   world cup semi final fever in dehradun.

पढ़ें, टीम इंडिया के लिए अपनाए गए ये अजब टोटके

Fri, 27 Mar 2015 12:22 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 27 Mar 2015 12:22 PM IST
विज्ञापन
world cup semi final fever in dehradun.

वर्ल्ड कप सेमीफाइनल मैच के दौरान राजधानी देहरादून में लोगों ने टोटकों का भी सहारा लिया। मैच शुरू होने के साथ ही हर गेंद, विकेट, छक्के और चौके पर लोगों ने टोटके आजमाने शुरू कर दिए थे।

विज्ञापन


कोई किसी चीज को पकड़े रहा तो, कोई खड़ा तो कोई बैठा रहा। लेकिन सारे टोटके धरे रह गए। भारत की हार के साथ वर्ल्ड कप फिर जीतने का मौका निकल गया।

ऐसे रहे टोटके
- सहस्त्रधारा रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में एक इंस्टीट्यूट के छात्र मैच देख रहे थे, वार्नर ने छक्का जड़ा तो सभी गेंदबाज को कोसने लगे। इसी बीच एक छात्र उठकर चाय पीते हुए मैच देखने लगा और तभी वार्नर का विकेट गिरा, तो साथी दोस्तों ने उसे बैठने नहीं दिया।
विज्ञापन


- एक कार्यालय में मैच देखते समय एक कर्मचारी ने जूते का फीता हाथ में पकड़ा हुआ था, पूछने पर बताया कि ऐसा करने से जल्दी विकेट गिरते हैं।

- कंडोली स्थित एक घर में मैच देख रहे पांच युवा आस्ट्रेलिया का एक विकेट गिरते ही जिस स्थिति में थे, वैसे ही बैठे रहे। काफी देर तक दूसरा विकेट नहीं गिरा तो उन्होंने जगह बदली।
विज्ञापन
विज्ञापन


- एक दुकान पर मैच देखते समय दुकानदार के मित्र ने एक कोल्डड्रिंक मांगी, इसी बीच शिखर धवन ने चौके-छक्के लगाने शुरू कर दिए। इस पर दुकानदार बोला भाई तू इसे बस पीते रह, खत्म हो जाएगी तो मैं दूसरी दे दूंगा, लेकिन हिलना मत।

- रिंग रोड स्थित एक परचून की दुकान पर एक व्यक्ति बैठकर पैर हिलाने लगा। उसी वक्त रोहित ने छक्का मारा। वह उछलकर खड़ा हो गया और अगली गेंद पर रोहित आउट हो गया, तो उसका साथी बोला, अरे तू बैठकर पैर हिलाता रह, देख रन बनेंगे।

- आईटी पार्क स्थित एक घर में राणा परिवार के साथ मैच देख रहे थे, इस बीच उनकी बड़ी बेटी दूसरे कमरे में गई, तभी स्मिथ आउट हो गया। उसके कमरे में दोबारा आने पर रन पड़ने लगे तो उन्होंने बेटी को दूसरे कमरे में भेज दिया।

औंधे मुंह गिरा सट्टा बाजार

world cup semi final fever in dehradun.

सेमीफाइनल में भारत की करारी हार से सट्टा बाजार औंधे मुंह गिर गया। भारत पर दांव लगाने वालों को करोडों की चपत लगी है, जबकि बीच में रुख बदलने वालों ने नुकसान बचा लिया। सूत्रों के मुताबिक भारत की जीत पर एक रुपए पर पचास पैसे दिए जाने थे।

वर्ल्ड कप में लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण प्रशंसकों को भारत की जीत की उम्मीद थी। ऑस्ट्रेलिया के 328 रन बनते ही समर्थकों के हौसले पस्त हो गए। ऐसे में सट्टा बाजार में उतार-चढ़ाव की समझ रखने वालों ने ऑस्ट्रेलिया पर दांव खेल लिया।

नहीं हुई पुलिस की कसरत

सेमीफाइनल के चलते सड़कों पर यातायात सामान्य रहा। वाहनों का दबाव कम होने से यातायात पुलिस को जाम की दिक्कत से नहीं जूझना पड़ा। शाम को जरूर भारत की पारी लड़खड़ाते ही लोग घरों से निकले तो कुछ दिक्कत हुई।

धरे रह गए पटाखे
भारत की हार से हजारों के पटाखे धरे रह गए। दरअसल, सुबह भारतीय गेंदबाजों के अच्छे प्रदर्शन के चलते कई क्रिकेटप्रेमी बाजार से पटाखे खरीद लाए थे। लेकिन शाम को भारत हारा तो उनका जश्न मनाने का अरमान काफूर हो गया।

पहले सन्नाटा, फिर चहल-पहल
पुलिस कार्यालयों में गुरुवार दोपहर 12:30 तक सन्नाटा रहा। अधिकतर अधिकारी घरों में ही मैच देखते रहे। भारत की पारी समाप्त होने से कुछ समय पूर्व एसएसपी, एसपी देहात, एसपी सिटी और सीओ सिटी अपने ऑफिस पहुंचे।

इस दौरान कार्यालय में टीवी देख रहे कर्मचारी भी काम में जुट गए। फरियादी भी आने लगे। लेकिन, एक-दो घंटे बाद अधिकारी निकले तो पुलिसकर्मी फिर टीवी पर जुट गए।

पल-पल काफूर होता गया जोश

world cup semi final fever in dehradun.

वर्ल्ड कप सेमीफाइनल मैच के लिए दून के क्रिकेटप्रेमियों का जुनूनी अंदाज भारत की हार के साथ ही निढाल हो गया। सुबह से ही हर काम छोड़ टीवी पर मैच देखने जुट गए लोगों को आस्ट्रेलिया के टास जीतते ही आशंकाओं ने घेर लिया था।

हालांकि, भारतीय गेंदबाजों की शुरुआती धार ने कुछ उम्मीद कायम रखी। लेकिन बैटिंग की बारी आते ही भारतीय बल्लेबाज धड़ाधड़ विकेट गिराते चले गए तो टीवी पर चिपके चेहरों का रंग उतरने लगा। सुबह का जोश दोपहर तक ठंडा हो गया और आखिर हार के साथ मायूसी लिए लोग फिर घर के कामों में लग गए।

समय: सुबह 08:00 बजे
अभ्यास छोड़ा, मैच देखा

परेड ग्राउंड में हर सुबह खिलाड़ियों और जॉगिंग करने वाले बाहरी लोगों की भीड़ रहती है। लेकिन बृहस्पतिवार को सुबह के वक्त यहां बहुत कम खिलाड़ी यहां आए। फुटबाल हॉस्टल, बॉक्सिंग, जूडो और बास्केटबाल के खिलाड़ी ही यहां अभ्यास करते दिखे। हालांकि, वे भी जल्दी निकलने की तैयारी में थे।

समय: सुबह 10:00 बजे
चढ़ने लगा था खुमार

मैच शुरू हुए आधा घंटा बीत चुका था। आस्ट्रेलिया का पहला विकेट जल्दी गिरने से खेलप्रेमियों के चेहरों पर खुशी थी। भारतीय गेंदबाजों की धार उन्हें खूब भा रही थी। उम्मीद थी कि भारतीय बॉलर आस्ट्रेलिया को छोटे स्कोर पर पवेलियन लौटा देंगे। इसी उम्मीद में लोग टीवी पर चिपके थे। बीच-बीच में नारे भी लगते रहे।

समय: सुबह 11:00 बजे
सूनी रही सड़कें, बाजार भी बंद

मैच शुरू होने के करीब डेढ़ घंटे बाद भी राजधानी की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। आस्ट्रेलिया की बैटिंग के बावजूद खेलप्रेमी टीवी पर चिपके रहे। मोथरोवाला, धर्मपुर, हरिद्वार रोड, ईसी रोड समेत सभी प्रमुख मार्गों पर यातायात अन्य दिनों की अपेक्षा काफी कम नजर आया। बाजारों में भी कई दुकानें खुली नहीं थीं। जो दुकानें खुली थीं, वहां भी टीवी पर नजरें गड़ाए लोग जुटे हुए थे।

समय: सुबह 11:45 बजे
दफ्तरों में भी मैच का अपडेट

विकास भवन में कर्मचारी, अधिकारी मौजूद थे। हालांकि, काम का दबाव काफी कम दिखा। यहां और दिनों के मुकाबले काम के लिए आने वाले लोगों की तादाद भी बेहद कम रही। इससे कर्मचारियों को मैच अपडेट लेने का मौका मिलता रहा। आस्ट्रेलिया का विकेट गिरते ही कर्मचारी खुश हो जाते। हां, इस बीच कुछ यह जरूर कहते, आस्ट्रेलिया हैै भाई। नंबर वन टीम, आखिरी ओवर तक कमाल कर सकती है।

समय: दोपहर 01:00 बजे
पहाड़ सा स्कोर देख उखड़ा मूड

बार एसोसिएशन ने मैच के लिए गुरुवार को कार्यविरत रहने का निर्णय किया था। बार भवन में मैच देखने के लिए एर्लईडी प्रोजेक्टर लगाया गया था। भवन में सरकारी, गैर सरकारी अधिवक्ताओं के साथ कोर्ट मोहर्रिर भी मैच देख रहे थे।
आस्ट्रेलिया के विकेट गिरते ही तालियां, सीटियां गूंज उठतीं। लेकिन, दोपहर एक बजते-बजते साफ हो गया कि आस्ट्रेलिया बड़ा स्कोर खड़ा करेगी। यह देख कई वकीलों का मूड उखड़ गया। वे मैच देखना छोड़ निकल गए।

समय: दोपहर 01:30 बजे
लड़खड़ाई शुरुआत ने डिगाया हौसला

भारतीय पारी की शुरुआत बेहद खराब रही। 72 रन के स्कोर पर शिखर धवन का विकेट गिरा तो पलटन बाजार में एक दुकान के बाहर टीवी देख रहे खेलप्रेमी मायूस हो गए। हालांकि, कोहली को आता देख फिर उनमें आस जगी। लेकिन कोहली सिर्फ एक रन बनाकर पवेलियन लौट गए तो उनकी मायूसी गुस्से में बदल गई। कुछ कहने लगे, ‘घूमता’ रहेगा तो खेलेगा कैसे?

समय: दोपहर 03:00 बजे
अब भी कायम थी उम्मीद

शिक्षा निदेशालय में कर्मचारी और अधिकारी दफ्तर में लगे टीवी पर मैच देख रहे थे। इस समय तक भारतीय टीम का स्कोर सिर्फ 140 रन था। हालांकि, कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और अजिंक्य रहाणे क्रीज पर टिके हुए थे।

दोनों संभलकर खेल भी रहे थे। इसे देखते हुए एक अधिकारी बोलीं, क्रिकेट के खेल में कुछ कहा नहीं जा सकता। अंत तक कुछ भी हो सकता है। हालांकि, कुछ कर्मचारी यह कहते हुए भी दिखे कि अब मैच हाथ से निकल चुका है।

समय: शाम 04:00 बजे
कमाया कुछ नहीं, कप भी नहीं मिला

अमर उजाला एक बार फिर बार भवन पहुंचा। सुबह जहां वकीलों के चेहरे खिले-खिले नजर आ रहे थे और वे हर गेंद पर खुशी मना रहे थे। अब उनके चेहरों पर मायूसी थी। सुबह खचाखच भरा भवन अब आधे से अधिक खाली था।

233 के स्कोर पर भारतीय टीम के आलआउट होते ही वकील उखड़ गए। उनका कहना था, दिनभर काम नहीं किया। कुछ कर्माई भी नहीं हुई और अब टीम ने कप का मौका भी खो दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed