{"_id":"652d83df8519892aa901e804","slug":"workshop-was-organized-for-awareness-dehradun-news-c-5-1-drn1032-268085-2023-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: छात्रों को दिए तनाव मुक्त रहने के मंत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: छात्रों को दिए तनाव मुक्त रहने के मंत्र
विज्ञापन
Iवंडर वेल व अमर उजाला के सहयोग से आयोजित किया गया जागरूकता कार्यकम
I
I
I
Iडॉ. याशना ने छात्रों से तनाव और निराशा के कारणों पर की चर्चाI
ओसनिक इंटरनेशनल स्कूल में वंडर वेल और अमर उजाला के सहयोग से मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मौके पर मनोवैज्ञानिक डाॅ. याशना बाहरी सिंह ने विद्यार्थियों को तनाव के कारण और उन्हें दूर करने के मंत्र बताए।
छात्रों को संबोधित करते हुए डॉ. याशना ने कहा, वर्तमान समय में सभी में तनाव किसी न किसी रूप में देखने को मिलता है। चाहे वो शिक्षा के क्षेत्र में हो या नौकरी के क्षेत्र में। अत्यधिक तनाव के कारण व्यक्ति के मन में निराशा घर कर जाती है। इसके कारण उसका आत्मविश्वास पूरी तरह से हिल जाता है। आत्मविश्वास की कमी के कारण व्यक्ति निराशा के भंवर में फंस जाता है। वह जीवन में सफलता प्राप्त नहीं कर पाता। कई बार तो उसके मन में आत्महत्या जैसे विचार भी आने लगते हैं। डा. याशना ने तनाव और निराशा के कारणों के बारे में चर्चा करते हुए बच्चों को तनाव दूर करने और आत्मविश्वास निर्मित करने के सुझाव दिए। वहीं, विद्यालय की प्रधानाचार्या अनीता त्रिपाठी ने कार्यशाला की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समय की मांग है।
विज्ञापन
I
I
I
Iडॉ. याशना ने छात्रों से तनाव और निराशा के कारणों पर की चर्चाI
ओसनिक इंटरनेशनल स्कूल में वंडर वेल और अमर उजाला के सहयोग से मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मौके पर मनोवैज्ञानिक डाॅ. याशना बाहरी सिंह ने विद्यार्थियों को तनाव के कारण और उन्हें दूर करने के मंत्र बताए।
छात्रों को संबोधित करते हुए डॉ. याशना ने कहा, वर्तमान समय में सभी में तनाव किसी न किसी रूप में देखने को मिलता है। चाहे वो शिक्षा के क्षेत्र में हो या नौकरी के क्षेत्र में। अत्यधिक तनाव के कारण व्यक्ति के मन में निराशा घर कर जाती है। इसके कारण उसका आत्मविश्वास पूरी तरह से हिल जाता है। आत्मविश्वास की कमी के कारण व्यक्ति निराशा के भंवर में फंस जाता है। वह जीवन में सफलता प्राप्त नहीं कर पाता। कई बार तो उसके मन में आत्महत्या जैसे विचार भी आने लगते हैं। डा. याशना ने तनाव और निराशा के कारणों के बारे में चर्चा करते हुए बच्चों को तनाव दूर करने और आत्मविश्वास निर्मित करने के सुझाव दिए। वहीं, विद्यालय की प्रधानाचार्या अनीता त्रिपाठी ने कार्यशाला की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समय की मांग है।
विज्ञापन