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देहरादून: अगले महीने शुरू होगा घर-घर गैस पाइपलाइन पहुंचाने का काम 

Sat, 30 Nov 2019 11:37 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 30 Nov 2019 11:37 AM IST
सार

  • 1532 करोड़ से आठ साल में तीन लाख घरों में गेल पहुंचाएगा पीएनजी 
  • छह महीने में राजधानी के पांच हजार घरों को किया जाएगा कवर
  • कंपनी ने दो एजेंसियों के जरिये घर-घर कनेक्शन की प्रक्रिया शुरू की 

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work will start of gas pipeline in dehradun from December 2019
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : mercopress.com

विस्तार

गेल कंपनी अगले महीने से घर-घर पाश्च्युराइड नेचुरल गैस (पीएनजी) पहुंचाने के लिए पाइपलाइन डालने का काम शुरू कर देगी। अगले छह महीने के भीतर दून के पांच हजार घरों में पीएनजी पहुंचाई जाएगी।

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कंपनी 1532 करोड़ से आठ साल में तीन लाख घरों को पीएनजी की सुविधा देगी। कंपनी ने दो एजेंसियों के जरिये इसके कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके अलावा कंपनी मार्च तक पांच सीएनजी स्टेशन भी खोलेगी। 
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शुक्रवार को सुभाषनगर स्थित दून एक्सप्रेस बिजनेस पार्क स्थित कार्यालय में गेल गैस लि. के जीएम मार्केटिंग वी गौतम ने बताया कि मोथरोवाला, बंजारावाला, सरस्वती विहार, दीपनगर, देहराखास, निरंजनपुर, वसंत विहार, इंदिरा नगर क्षेत्र में पीएनजी का रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है। एक महीने में स्टील और एमडीपीई पाइपलाइन नेटवर्क का काम शुरू हो जाएगा।
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मार्च तक सीएनजी के पांच रिटेल आउटलेट और स्टेशन बनाए जाएंगे। छह महीने में पांच हजार घरों में पीएनजी सप्लाई शुरू हो जाएगी। बताया कि दून में 3088 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को पीएनजी के जरिये कवर किया जाएगा। जिसमें शहर के साथ ही डोईवाला, ऋषिकेश, चकराता, कालसी, त्यूणी और विकासनगर क्षेत्र शामिल होंगे।

आठ साल में 50 सीएनजी स्टेशन बनाने के साथ ही तीन लाख घरों को पीएनजी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उप महाप्रबंधक मनीष गोयल ने बताया कि ऑटो एवं निजी वाहनों के लिए सीएनजी स्टेशन खोले जाएंगे। जबकि पीएनजी कनेक्शन के लिए शक्ति कंसल्टिंग और योगमाया एजेंसी के जरिये घर-घर जाकर कनेक्शन के लिए संपर्क शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि मसूरी में भी सीएनजी और पीएनजी पहुंचाई जाएगी। 

शुरू में डीसीयू के जरिये पहुंचेगी गैस

उप महाप्रबंधक मनीष गोयल ने बताया कि शुरुआत में प्लांट से लाकर डीसीयू (डी कंप्रेशन यूनिट) से घरों की पाइपलाइन में गैस डाली जाएगी। बाद में पूरा सैटअप होने के बाद सीधे पाइपलाइन के जरिये पीएनजी की सप्लाई की जाएगी। 

एलपीजी की तुलना में पीएनजी से होगी 10 प्रतिशत बचत 

उप महाप्रबंधक मनीष गोयल ने दावा किया कि एलपीजी की तुलना में पीएनजी से 10 प्रतिशत बचत होगी। कनेक्शन लेने पर शुरुआत में चार से पांच हजार रुपये देने होंगे। दो महीने में एक बार बिल आया करेगा। बिल के लिए अलग से मीटर लगेगा।

कंट्रोल रूम का जारी होगा नंबर

कार्यालय खुलने के बाद आम लोगों के लिए कंपनी की तरफ  से कंट्रोल रूम का नंबर भी जारी किया जाएगा। किसी भी प्रकार की समस्या, नए कनेक्शन आदि के लिए लोग इस नंबर पर फोन कर सकेंगे। शुरुआती चरण में गैस पाइप लाइन डलने के बाद कार्यालय में ही बैठकर कंपनी के अधिकारी बाकी शहर में इसका जाल बिछाने के लिए योजना भी बनाएंगे।

पाइप लाइन सुरक्षित, प्रदूषण कम

सिलेंडर की गैस हवा से भारी होती है, इसलिए वह लीकेज होने पर आसपास फैल जाती है, लेकिन प्राकृतिक गैस हवा से हल्की होती है। लीकेज होने पर यह हवा में ऊपर चली जाती है, इसलिए दुर्घटना की आशंका कम होती है। इसके जरिये गृहणियों को काफी लाभ पहुंचेगा। प्राकृतिक गैस प्रदूषण को रोकने में सकारात्मक पहल है। 

इन तीन विकल्पों के जरिये ले सकेंगे लाभ 

पहला विकल्प : इसमें कनेक्शन के लिए सिक्योरिटी के लिए निर्धारित पांच हजार रुपये रुपये में एक हजार की छूट दी जाएगी। वहीं, गैस खपत के लिए 500 रुपये (रिफंडेबल) सिक्योरिटी डिपोजिट देना होगा। 
दूसरा विकल्प : इसमें बिल के साथ प्रतिदिन के हिसाब से पांच रुपये 1000 दिन तक देना होगा। जो कनेक्शन बंद करते समय वापस हो जाएगा। इसके अलावा 500 रुपये (रिफंडेबल) देने होंगे।
तीसरा विकल्प : इसमें बिल के साथ प्रतिदिन के हिसाब से एक रुपया लिया जाएगा। इसमें धनराशि रिफंडेबल नहीं होगी। इसके अलावा 500 रुपये (रिफंडेबल) देने होंगे।

पीएनजी के फायदे 
- 24 घंटे आपूर्ति, गैस उपयोग की कोई सीमा नहीं। 
- हवा की तुलना में हल्की होने से उपयोग में सुरक्षित। 
- कम वजन वाले सिलिंडरों की परेशानी नहीं, चोरी संभव नहीं। 
- बुकिंग में परेशानी नहीं। 
- पर्यावरण के अनुकूल और किफायती। 
- उपयोग के बाद भुगतान, बिलिंग हर दो महीने में। 

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