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आरटीओ में मिनिस्टीरियल कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से लगातार तीसरे दिन भी कामकाज ठप
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आरटीओ कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन करते उत्तराखंड परिवहन मिनिस्ट्रियल कर्मचारी संघ के पदा?
- फोटो : DEHRADUN
पदोन्नति की मांग को लेकर परिवहन मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ की ओर से आरटीओ दफ्तर में कार्यबहिष्कार तीसरे दिन भी जारी रहा। कार्यबहिष्कार के चलते आरटीओ में लगातार तीसरे दिन भी लर्निंग और स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस बनने के साथ ही टैक्स जमा कराने, गाड़ियों के परमिट बनाने समेत तमाम कामकाज ठप रहा। इससे सैकड़ों वाहन स्वामियों को बैरंग लौटना पड़ा।
दूसरी ओर आंदोलित कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन कर विरोध जताया। चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें स्वीकार नहीं की जातीं, कार्यबहिष्कार जारी रहेगा। संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव कुमार मिश्रा ने कहा कि पदोन्नति को लेकर सरकार-शासन स्तर से जो शासनादेश जारी किया गया है, उसमें तमाम खामियां थीं। कहा कि कुछ अधिकारियों द्वारा शासन, प्रशासन में बैठे आला अधिकारियों को जानबूझकर गुमराह किया जा रहा है। कर्मचारियों की मांगों को स्वीकार नहीं करके उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य कर रहे हैं। कहा कि शासनादेश में जो भी त्रुटि हुई। उसके लिए जिम्मेदार अधिकारी के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए। साथ ही नए सिरे से आदेश जारी कर कर्मचारियों को पदोन्नति दी जाए।
संघ पदाधिकारियों ने कोविड-19 के नाम पर मनमाने तरीके से प्रदेश के सभी कर्मचारियों के वेतन, भत्तों में की गई कटौती को जारी करने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी गोल्डन कार्ड में खामियों को दूर करने की बात दोहरायी। कार्यबहिष्कार में कोषाध्यक्ष दौलत पांडे, जिलाध्यक्ष बृजमोहन रावत, देवेंद्र सिंह, प्रमोद मिश्रा, मुकुल, विजयपाल, जावेद अख्तर, सूरजपाल, कृष्ण किशोर, सरिता, प्रीति, निकिता, मुकुल कनौजिया, नरेंद्र सिंह नेगी, कृष्णचंद्र, मनोज भंडारी शामिल रहे।
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दूसरी ओर आंदोलित कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन कर विरोध जताया। चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें स्वीकार नहीं की जातीं, कार्यबहिष्कार जारी रहेगा। संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव कुमार मिश्रा ने कहा कि पदोन्नति को लेकर सरकार-शासन स्तर से जो शासनादेश जारी किया गया है, उसमें तमाम खामियां थीं। कहा कि कुछ अधिकारियों द्वारा शासन, प्रशासन में बैठे आला अधिकारियों को जानबूझकर गुमराह किया जा रहा है। कर्मचारियों की मांगों को स्वीकार नहीं करके उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य कर रहे हैं। कहा कि शासनादेश में जो भी त्रुटि हुई। उसके लिए जिम्मेदार अधिकारी के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए। साथ ही नए सिरे से आदेश जारी कर कर्मचारियों को पदोन्नति दी जाए।
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संघ पदाधिकारियों ने कोविड-19 के नाम पर मनमाने तरीके से प्रदेश के सभी कर्मचारियों के वेतन, भत्तों में की गई कटौती को जारी करने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी गोल्डन कार्ड में खामियों को दूर करने की बात दोहरायी। कार्यबहिष्कार में कोषाध्यक्ष दौलत पांडे, जिलाध्यक्ष बृजमोहन रावत, देवेंद्र सिंह, प्रमोद मिश्रा, मुकुल, विजयपाल, जावेद अख्तर, सूरजपाल, कृष्ण किशोर, सरिता, प्रीति, निकिता, मुकुल कनौजिया, नरेंद्र सिंह नेगी, कृष्णचंद्र, मनोज भंडारी शामिल रहे।
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